भिवानी, Composite Science and Engineering: टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल्स एंड साइंसेज, भिवानी ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एक खास एमटेक प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका नाम है कंपोजिट साइंस एंड इंजीनियरिंग। यह बहु-विषयक कोर्स मटेरियल साइंस और क्रॉस-प्रोडक्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इस कोर्स में मटेरियल्स एंड सिंथेसिस, मल्टीफंक्शनल मटेरियल्स, प्रोसेसिंग साइंस, मैकेनिक्स एंड डिजाइन, मॉडलिंग और सिमुलेशन जैसे विषयों पर गहराई से पढ़ाई होगी। इसका मकसद है उन्नत कंपोजिट मटेरियल्स का विकास, जो भविष्य की तकनीक को नई दिशा देगा।
कौन ले सकता है दाखिला?
इस कोर्स में दाखिले के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल केमिस्ट्री, फैशन और अपैरल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस, मेटलर्जी, नैनोटेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, मरीन इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, पॉलीमर टेक्नोलॉजी और प्लास्टिक टेक्नोलॉजी जैसे विषयों में बीटेक डिग्री धारक पात्र होंगे। इतना ही नहीं, एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, पॉलीमर साइंस या नैनोटेक्नोलॉजी के स्नातकोत्तर छात्र भी इस प्रोग्राम में हिस्सा ले सकते हैं।
कोर्स की खासियत और उद्देश्य
इस कोर्स का ढांचा पॉलीमर, टेक्सटाइल स्ट्रक्चरल कंपोजिट, मेटल और सेरामिक मैट्रिक्स कंपोजिट, कार्बन फाइबर कंपोजिट, बायो और नैनो कंपोजिट जैसे आधुनिक विषयों पर आधारित है। इसका लक्ष्य ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मरीन, सिविल कंस्ट्रक्शन, विंड एनर्जी, ई-व्हीकल्स, खेलकूद और ड्रोन जैसे क्षेत्रों के लिए उन्नत मटेरियल्स तैयार करना है। यह कोर्स संसाधन-संरक्षण और हल्की संरचनाओं को बढ़ावा देता है, जिसमें मटेरियल और ऊर्जा दक्षता पर जोर दिया गया है।
भिवानी में करियर के सुनहरे अवसर
यह प्रोग्राम छात्रों को डिजाइन, विकास, परीक्षण और उत्पादन में माहिर बनाएगा। स्नातक होने के बाद छात्रों को ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मरीन, डिफेंस, रेलवे, विंड एनर्जी और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में शानदार नौकरियां मिल सकती हैं। इसके अलावा, स्पोर्ट्स उपकरण, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन, सोलर पैनल, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, आर्थोपेडिक इम्प्लांट्स और प्रोटेक्टिव गियर्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी ढेरों मौके हैं। साइंस स्नातकोत्तर छात्रों के लिए यह कोर्स टेक्नोक्रेट बनने का नया रास्ता खोलेगा। साथ ही, डॉक्टोरल शोध, नवाचार और स्टार्टअप के लिए भी यह कोर्स शानदार अवसर देगा।
बड़े नामों के साथ काम करने का मौका
इस कोर्स के बाद छात्रों को एडीई, एडीए, एलएंडटी, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, इसरो, डीआरडीओ, महिंद्रा एडवांस्ड मटेरियल्स, टाटा मोटर्स, इंडियन नेवी, अल्सटॉम इंडिया, बॉम्बार्डियर इंडिया, जिंदल स्टील, सीमेंस, सुजलॉन एनर्जी, गोदरेज एयरोस्पेस, एसआरएफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज, रॉकमैन इंडस्ट्रीज और किनेको जैसी बड़ी कंपनियों में नौकरी के मौके मिल सकते हैं। प्रो. बीके बेहेरा, निदेशक, टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल्स एंड साइंसेज, का कहना है कि यह कोर्स उद्योग की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और छात्रों को भविष्य की तकनीक में अग्रणी बनाने के लिए तैयार है।













