Panipat Industry Regularization (पानीपत) : पानीपत में बिना अनुमति चल रही 13 हजार से ज्यादा इंडस्ट्रीज को अब राहत मिलने वाली है। सरकार ने बजट में इन फैक्ट्रियों को नियमित करने की घोषणा की थी, और अब विधानसभा सत्र में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे न सिर्फ ये इंडस्ट्रीज वैध हो जाएंगी, बल्कि 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां भी सुरक्षित होंगी। पानीपत के उद्यमी इस फैसले से खुश हैं और इसे उद्योगों के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं।
नियमितीकरण की शर्तें
इंडस्ट्रीज को नियमित करने के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। कम से कम 50 इंडस्ट्रीज एक ही इलाके में हों और उनका कुल रकबा 10 एकड़ हो, तभी वे एक समूह के रूप में आवेदन कर सकेंगी। इसके लिए एक खास पोर्टल शुरू होगा, जहां उद्यमी आवेदन जमा कर सकेंगे। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (HCCI), पानीपत चैप्टर के चेयरमैन विनोद धमीजा ने बताया कि ड्रोन से फैक्ट्रियों की मैपिंग होगी, जिसका रिकॉर्ड सरकार को भेजा जाएगा।
रिहायशी इलाकों में फैक्ट्रियां
पानीपत के नगर निगम और डीटीपी नियंत्रण वाले इलाकों में जाटल रोड, गोहाना रोड, सनौली रोड, विद्यानंद कॉलोनी, छोटू राम चौक, बबैल रोड, बरसत रोड, नूरवाला, काबड़ी रोड, भारत नगर, हरि नगर, गंगाराम कॉलोनी, माईजी कॉलोनी, देशराज कॉलोनी, कुटानी रोड, उग्राखेड़ी, भैंसवाल, बिंझौल, सिवाह, महराना और सौदापुर जैसे क्षेत्रों में बिना CLU, NOC या फायर लाइसेंस के फैक्ट्रियां चल रही हैं। इनमें से 70% से ज्यादा रेड और ऑरेंज जोन की हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहायशी इलाकों से बाहर करने की योजना थी।
नियमितीकरण के फायदे
सीलिंग का डर खत्म: नियमित होने के बाद फैक्ट्रियों को सील या तोड़े जाने का डर नहीं रहेगा। अभी डीटीपी की शिकायत पर टीमें परेशान करती हैं।
बीमा क्लेम आसान: बिना लाइसेंस के आग लगने पर बीमा कंपनियां क्लेम रोक देती हैं, लेकिन अब यह समस्या खत्म होगी।
लोन और सब्सिडी: वैध होने पर फैक्ट्रियों को MSME सब्सिडी और बैंकों से आसानी से लोन मिलेगा।
वर्कर्स को लाभ: नियमितीकरण से वर्कर्स सरकारी योजनाओं के दायरे में आएंगे।
उद्यमियों का उत्साह
HCCI के चेयरमैन विनोद धमीजा, उप-प्रधान रामप्रताप गुप्ता और सचिव राजीव अग्रवाल ने इस नोटिफिकेशन का स्वागत किया। पानीपत के विधायक प्रमोद विज ने कहा कि उद्यमी लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। अब नोटिफिकेशन को नियमितीकरण माना जाए और डीटीपी या अन्य अधिकारी उद्यमियों को परेशान न करें।













