STP in Gohana (गोहाना) : जलापूर्ति विभाग द्वारा देवीपुरा में स्थित एसटीपी में प्री-सेडिमेंटेशन टैंक तैयार किया जाएगा। टैंक में सीवर लाइनों से आने वाली प्लास्टिक, सिल्ट और पशुओं के गोबर को पहले ही अलग कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने एसटीपी में अत्यधिक अपशिष्ट पहुंचने पर यह व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रपोजल बनाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा है।
डेयरी अपशिष्ट बना मुसीबत
अधिकांश डेयरी संचालकों ने पशु अपशिष्ट प्रबंधन नहीं किया हुआ है। डेयरी संचालक पशुओं के अपशिष्ट को नालियों में बहा रहे हैं। यह अपशिष्ट नालियों से होते हुए सीवर लाइनों में पहुंच जाता है। सीवर का पानी एसटीपी टैंक के लिए अधिकारियों ने मुख्यालय भेजा प्रपोजल देवीपुरा में स्थित एसटीपी, जहां प्री सेडिमेंटेशन टैंक तैयार किया जाना है।
पशु अपशिष्ट के साथ-साथ एसटीपी में प्लास्टिक कचरा भी पहुंच रहा है। जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार एसटीपी में केवल शौचालय से निकलने वाले पानी को ही ट्रीट किया जा सकता है। पशु अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरा एसटीपी में आने से ट्रीटमेंट व्यवस्था पर प्रभावित हो रही है। ऐसे में ट्रीटमेंट के बाद पानी में बीओडी लेवल ज्यादा रह जाता है।
प्री-सेडिमेंटेशन टैंक का प्लान
इससे निपटने के लिए विभाग अब एसटीपी परिसर में अलग से प्री-सेडिमेंटेशन टैंक तैयार करेगा। इस व्यवस्था में सीवर लाइनों में आने वाले पशु अपशिष्ट और प्लास्टिक के कचरे को टैंक में ही अलग कर लिया जाएगा।
पशु वेस्ट प्रबंधन के लिए नप ने डेयरी संचालकों को दिए नोटिस
पशु अपशिष्ट प्रबंधन कराने के लिए नगर परिषद ने भी डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए हुए हैं। नप अधिकारियों के अनुसार शहर में 88 डेयरी संचालकों को नोटिस दिए गए हैं। इन डेयरी संचालकों का अपशिष्ट सीवर लाइनों में जा रहा है। नप अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को अपशिष्ट प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। नोटिस अवधि में ऐसा नहीं करने पर डेयरियों को सील किया जाएगा।
मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद तैयार किया जाएगा टैंक
नवीन गोयत, एक्सईएन, जलापूर्ति विभाग, गोहाना ने बताया कि देवीपुरा एसटीपी में प्री-सेडिमेंटेशन टैंक तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रपोजल तैयार कर मुख्यालय से मंजूरी मांगी है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद टैंक तैयार किया जाएगा।













