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Stubble Management: हरियाणा और पंजाब की पहल: फसल अवशेष प्रबंधन में बने मिसाल, पराली जलाने में 58% की कमी

On: जून 10, 2025 12:12 अपराह्न
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Stubble Management: हरियाणा और पंजाब की पहल: फसल अवशेष प्रबंधन में बने मिसाल, पराली जलाने में 58% की कमी
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Stubble Management: Initiative of Haryana and Punjab: Set an example in crop residue management, 58% reduction in stubble burning: हरियाणा और पंजाब ने फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है, जिससे उत्तर भारत के अन्य राज्यों को सीख लेने की प्रेरणा मिल रही है। हरियाणा में इस साल फाने (गेहूं के अवशेष) जलाने की घटनाओं में 58% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो सरकार की सख्त नीतियों और जागरूकता अभियानों का परिणाम है।Stubble Management

इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फाने जलाने के मामले बढ़े हैं, विशेष रूप से मध्य प्रदेश में ढाई गुना वृद्धि देखी गई है। यह उपलब्धि न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि किसानों और आम लोगों के लिए भी एक स्वस्थ भविष्य का संकेत देती है।

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हरियाणा में पिछले साल 3,159 स्थानों पर फाने जलाने की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो इस साल घटकर 1,832 रह गईं। पंजाब में भी पराली जलाने की घटनाओं में 15% की कमी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने हरियाणा के प्रयासों की सराहना की है, क्योंकि यह राज्य देश के गेहूं उत्पादन का 11.28% हिस्सा देता है।

सरकार ने फसल अवशेष जलाने पर सख्त नियम लागू किए हैं, जिसमें 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों पर 30,000 रुपये, 2-5 एकड़ वालों पर 10,000 रुपये और छोटे किसानों पर 5,000 रुपये का जुर्माना शामिल है। बार-बार उल्लंघन करने पर एफआईआर और दो सीजन तक फसल बेचने पर रोक जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। ये उपाय किसानों को वैकल्पिक प्रबंधन तकनीकों की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

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फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता और मित्र कीट नष्ट होते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। साथ ही, इससे निकलने वाली जहरीली गैसें जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड वायु प्रदूषण को बढ़ाती हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। पंजाब ने पिछले पांच वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं को आठ गुना कम किया है, जबकि हरियाणा में यह तीन गुना कम हुआ है।

यह दोनों राज्यों की जागरूकता और आर्थिक सहायता योजनाओं का परिणाम है। अन्य राज्यों को भी इनसे प्रेरणा लेकर पर्यावरण और खेती को बचाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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