पानीपत, Encroachment Removal : पानीपत को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कवायद में नगर निगम का अभियान चार महीनों से चल रहा है, लेकिन यह पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया। कई जगहों पर अभियान के बाद फिर से अतिक्रमण होने की शिकायतें मिली हैं। अब निगम ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। जिन जगहों पर पहले अतिक्रमण हटाया गया था, उनकी जीपीएस आधारित तस्वीरों का इस्तेमाल कर दोबारा कब्जा करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। ऐसे लोगों की संपत्ति न सिर्फ सील होगी, बल्कि उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज होगी।
पानीपत में अब तक की कार्रवाई
मई 2025 से शुरू हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान में निगम की टीम ने अब तक 2300 से ज्यादा अस्थायी अतिक्रमण हटाए हैं। इसके अलावा 460 अवैध पक्के निर्माणों को भी तोड़ा गया। इन सभी की जीपीएस आधारित तस्वीरें निगम के सिस्टम में अपलोड हैं। पहली बार चेतावनी देकर छोड़ा गया था, लेकिन अब दोबारा अतिक्रमण की शिकायतों के बाद निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। त्योहारी सीजन से पहले बाजारों में यातायात सुचारू करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
नई रणनीति, सख्त कार्रवाई
निगम ने अब नोटिस देने की बजाय केवल सूचना भेजने का फैसला किया है। जीपीएस तस्वीरें भविष्य में कार्रवाई के लिए सबूत का काम करेंगी। चौड़ा बाजार जैसे इलाकों में रेहड़ी-पटरी वालों और दुकानदारों ने फिर से अतिक्रमण शुरू कर दिया है। अब निगम की विशेष टीम, एक्सईएन गोपाल कलावत के नेतृत्व में, दोबारा अतिक्रमण करने वालों की संपत्ति सील करेगी और कानूनी कार्रवाई करेगी।
बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने का लक्ष्य
एक्सईएन गोपाल कलावत ने बताया, “हमारा मकसद है कि शहर के बाजारों और सरकारी जमीन पर कोई अतिक्रमण न रहे। अब तक चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब दोबारा उल्लंघन करने वालों की बिल्डिंग सील होगी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।” निगम का यह अभियान त्योहारों से पहले बाजारों को खुला और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।













