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Pitru Paksha 2025 में बनेगा 100 साल बाद महासंयोग! चंद्र-सूर्य ग्रहण में पितरों को मिलेगा मोक्ष?

On: August 26, 2025 1:23 PM
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Pitru Paksha 2025 में बनेगा 100 साल बाद महासंयोग! चंद्र-सूर्य ग्रहण में पितरों को मिलेगा मोक्ष?
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Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का खास महत्व है, और इस बार का पितृ पक्ष 2025 बेहद खास होने वाला है! लगभग 100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें पितृ पक्ष के दौरान चंद्र और सूर्य ग्रहण एक साथ पड़ेंगे। पंचांग के मुताबिक, पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू होकर 21 सितंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि ग्रहण का ये अनोखा संयोग पितरों के मोक्ष पर क्या असर डालेगा? आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक पितृ पक्ष की पूरी कहानी!

चंद्र और सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, 2025 में पितृ पक्ष के दौरान दो बड़े ग्रहण होंगे। पहला, 7 सितंबर 2025 को पितृ पक्ष की शुरुआत के साथ चंद्र ग्रहण होगा। दूसरा, 21 सितंबर 2025 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन, यानी पितृ पक्ष के आखिरी दिन सूर्य ग्रहण होगा। एक ही पखवाड़े में दो ग्रहणों का होना एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है। इस संयोग की वजह से इस साल का पितृ पक्ष ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है।

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ग्रहण में श्राद्ध और तर्पण करना शुभ है या नहीं?

शास्त्रों में ग्रहण को आमतौर पर अशुभ माना जाता है, और इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। लेकिन पितृ कार्यों का मामला थोड़ा अलग है। ग्रहण के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

ग्रहण काल में पितृ कार्य कैसे करें?

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चंद्र ग्रहण (7 सितंबर): चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल में श्राद्ध नहीं किया जाता। लेकिन इस समय पितरों के लिए दान देना और मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है। यह पितरों की आत्मा को शांति दे सकता है।

सूर्य ग्रहण (21 सितंबर): सूर्य ग्रहण के दौरान भी दान-पुण्य करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। इस समय किए गए कार्य पितरों को मोक्ष की राह दिखा सकते हैं।

ग्रहण का पितरों और राशियों पर असर

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ज्योतिषियों के मुताबिक, ग्रहण का प्रभाव हर राशि और व्यक्ति पर अलग-अलग होता है। पितृ पक्ष में पड़ने वाले ये ग्रहण कुछ राशियों के लिए खास फायदेमंद हो सकते हैं, जबकि कुछ को सावधानी बरतनी होगी। कुल मिलाकर, 2025 का पितृ पक्ष एक ऐतिहासिक और शक्तिशाली समय है। ज्योतिष शास्त्र में इस ग्रहण संयोग को पितरों को मोक्ष दिलाने वाला माना जा रहा है। इस दौरान किए गए श्राद्ध और तर्पण पितरों की आत्मा को सीधे शांति और मुक्ति प्रदान करेंगे।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र के नियमों पर आधारित है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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