ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Bhaum Pradosh Vrat 2025: 8 जुलाई को शिव-पार्वती की कृपा पाने का सुनहरा मौका!

On: जुलाई 7, 2025 6:27 अपराह्न
Follow Us:
Bhaum Pradosh Vrat 2025: 8 जुलाई को शिव-पार्वती की कृपा पाने का सुनहरा मौका!
Join WhatsApp Group

Bhaum Pradosh Vrat 2025 Golden opportunity to get the blessings of Shiva-Parvati on 8th July: 8 जुलाई 2025 का दिन हर शिव भक्त के लिए खास होने वाला है, क्योंकि इस मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत और जया पार्वती व्रत एक साथ मनाया जाएगा। ये पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती की अराधना का सुनहरा मौका लेकर आ रहा है। चाहे आप कर्ज से मुक्ति चाहते हों, मनचाहा वर पाने की इच्छा रखते हों, या जीवन की परेशानियों से निजात चाहते हों, भौम प्रदोष व्रत और जया पार्वती व्रत आपके लिए आशीर्वाद का खजाना खोल सकते हैं। आइए, इन व्रतों की महिमा, शुभ मुहूर्त, और पूजा विधि को करीब से जानते हैं!

Bhaum Pradosh Vrat 2025: भौम प्रदोष व्रत

भौम प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ने वाला खास प्रदोष है, जो शिव की कृपा के साथ-साथ मंगल ग्रह की शांति के लिए भी किया जाता है। ये व्रत कर्ज, भूमि विवाद, शत्रु बाधा, और स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाता है। शिव पुराण के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत करने से अधूरी इच्छाएँ पूरी होती हैं। इस बार 7 जुलाई की रात 11:10 से त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, जो 9 जुलाई की रात 12:38 तक रहेगी। शुभ मुहूर्त शाम 7:23 से 9:24 तक है। इस समय शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, और दूध चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। ये छोटा सा प्रयास आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है!

जया पार्वती व्रत

करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें | karwa-chauth-kalash-samagri-rules-karwa-vs-lota-difference
करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें

जया पार्वती व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से शुरू होकर कृष्ण पक्ष की तृतीया तक चलता है। खासकर गुजरात और पश्चिम भारत में ये व्रत बहुत लोकप्रिय है। अविवाहित कन्याएँ इसे मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए ये व्रत किया था। इस दिन रेत या बालू से हाथी बनाकर उस पर फल, फूल, और प्रसाद चढ़ाने से माँ पार्वती प्रसन्न होती हैं। ये व्रत गणगौर और हरतालिका तीज की तरह ही खास है। अगर आप भी अपने जीवन में सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं, तो ये व्रत जरूर करें।

शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भौम प्रदोष और जया पार्वती व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का खास ध्यान रखें। शाम 7:23 से 9:24 तक का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम है। सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। कुमकुम, बेलपत्र, फूल, और मौसमी फल चढ़ाएँ। जया पार्वती व्रत में रेत का हाथी बनाकर उसकी पूजा करें। पूजा के बाद जया पार्वती व्रत की कथा पढ़ें और आरती करें। रात में जागरण के बाद सुबह रेत के हाथी को नदी या तालाब में विसर्जित करें। ये विधि आपके व्रत को और फलदायी बनाएगी।

घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए | diwali-2026-lakshmi-charan-paduka-direction-rules-main-door-vastu
घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए

आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व

8 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा वृश्चिक से धनु राशि में गोचर करेंगे। ये ज्योतिषीय संयोग भौम प्रदोष व्रत को और प्रभावशाली बनाता है। मंगल ग्रह की शांति के लिए ये व्रत खास है, क्योंकि मंगल दोष से परेशान लोगों को इससे राहत मिलती है। जया पार्वती व्रत का महत्व अविवाहित कन्याओं और विवाहित महिलाओं के लिए भी है, जो सुखी जीवन की कामना करती हैं। ये दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से आपके लिए नई शुरुआत का मौका लेकर आता है। तो, इस मौके को गँवाएँ नहीं और शिव-पार्वती की कृपा पाएँ।

दिवाली से पहले घर से निकाल फेंकें ये सामान, वरना नहीं होगा मां लक्ष्मी का आगमन; देखें पूरी लिस्ट | diwali-2026-date-laxmi-puja-shubh-muhurat-remove-unlucky-items-vastu-tips
दिवाली से पहले घर से निकाल फेंकें ये सामान, वरना नहीं होगा मां लक्ष्मी का आगमन; देखें पूरी लिस्ट

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment