Laxmi ji ka vrat kaise karein in hindi: मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि शुक्रवार को है। इस दिन सूर्य राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इस तिथि को कोई स्पेशल पर्व नहीं है, लेकिन वार के हिसाब से आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में ये व्रत शुक्र ग्रह को मजबूत करने और उसके दोष दूर करने के लिए रखा जाता है।
Laxmi ji ka vrat kaise karein
द्रिक पंचांग के मुताबिक, शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक होगा।
ब्रह्मवैवर्त पुराण और मत्स्य पुराण में शुक्रवार व्रत का जिक्र है। इसमें बताया गया है कि इस दिन माता लक्ष्मी, संतोषी और शुक्र ग्रह की विधि-विधान से पूजा करने से सुख, समृद्धि, धन-धान्य और वैवाहिक जीवन में शांति बनी रहती है। विधि से पूजा करने पर कष्ट दूर होते हैं और माता रानी हर मनोकामना पूरी करती हैं।
मां लक्ष्मी का व्रत कैसे करें
अगर कोई व्रत शुरू करना चाहता है, तो किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से शुरू कर सकता है। आमतौर पर 16 शुक्रवार तक व्रत रखकर उद्यापन किया जाता है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें। लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या फोटो रखें। दीप जलाएं और फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग लगाएं। ‘श्री सूक्त’ और ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करें। साथ ही महालक्ष्मी मंत्र ‘ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का जाप करें। ये जाप समृद्धि और सौभाग्य के लिए है। विष्णुप्रियाय नमः का जप भी फायदेमंद है।
पूजा के अंत में कमल पुष्प चढ़ाएं। लक्ष्मी चालीसा पढ़ें। प्रसाद में खीर, मिश्री और बर्फी बांटें। इस दिन गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन दान करने से पुण्य मिलता है।











