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Ozempic Essential Medicines: WHO का बड़ा फैसला: मोटापे की दवा Ozempic अब जरूरी दवाओं की लिस्ट में, जानें क्या बदलेगा!

On: September 7, 2025 8:19 AM
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Ozempic Essential Medicines: WHO का बड़ा फैसला: मोटापे की दवा Ozempic अब जरूरी दवाओं की लिस्ट में, जानें क्या बदलेगा!
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Ozempic Essential Medicines: WHO’s big decision: Obesity medicine Ozempic is now in the list of essential medicines, know what will change!: नई दिल्ली: मोटापा अब सिर्फ जीवनशैली की समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती है। इस दिशा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बड़ा कदम उठाया है।

WHO ने पहली बार मोटापे की दवाओं को अपनी Essential Medicines List (EML) में शामिल किया है। इस सूची में Ozempic जैसी लोकप्रिय और असरदार दवाओं को जगह दी गई है, जिन्हें अब मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों के इलाज में ‘जरूरी’ माना जाएगा।

उम्मीद की नई किरण Ozempic Essential Medicines

WHO के इस ऐतिहासिक फैसले को मोटापे से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न सिर्फ इन दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि उनकी कीमतें भी कम हो सकती हैं। खासकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह फैसला गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
Ozempic क्या है?

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Ozempic (सेमाग्लूटाइड) एक ऐसी दवा है, जो पहले टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होती थी। लेकिन इसके वजन घटाने के असर को देखते हुए इसे अब मोटापे के इलाज में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दवा GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट कैटेगरी की है, जो भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है।

WHO का कदम क्यों है खास?

यह पहली बार है जब मोटापे से जुड़ी दवाओं को WHO की जरूरी दवाओं की सूची में शामिल किया गया है। इस कदम से मोटापे को वैश्विक महामारी के रूप में औपचारिक मान्यता मिली है।

WHO की इस सूची को 150 से ज्यादा देश अपनी स्वास्थ्य नीतियों में महत्व देते हैं, जिससे दवा नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

दिल्ली के एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ने कहा, “यह फैसला चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी है। यह दिखाता है कि अब हम मोटापे को गंभीरता से ले रहे हैं। यह सिर्फ चिकित्सा नीति का बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता की शुरुआत भी है।”

अब आगे क्या?

WHO की इस सूची के आधार पर सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां इन दवाओं की खरीद, वितरण और सब्सिडी तय करेंगी।

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इससे उन लाखों मरीजों को राहत मिलेगी, जो अब तक इन महंगी दवाओं का खर्च नहीं उठा पाते थे। यह कदम न सिर्फ चिकित्सा नीतियों में बदलाव लाएगा, बल्कि मोटापे को अब ‘लाइफस्टाइल समस्या’ की जगह ‘चिकित्सा जरूरत’ के तौर पर देखा जाएगा।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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