ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Ram Laxman Dwadashi 2025: राम लक्ष्मण द्वादशी कब है? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

On: June 6, 2025 1:26 PM
Follow Us:
Ram Laxman Dwadashi 2025: राम लक्ष्मण द्वादशी कब है? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Join WhatsApp Group

Ram Laxman Dwadashi 2025 A holy festival of brotherhood, know the method of worship and auspicious time: हिंदू धर्म में भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक माना जाने वाला राम लक्ष्मण द्वादशी का पर्व हर साल ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण को समर्पित है, जिनकी भक्ति और निष्ठा की कहानियां हर दिल को छूती हैं।

इस दिन भक्त भगवान राम और लक्ष्मण के साथ-साथ श्री गोविंद विट्ठलनाथजी की पूजा करते हैं, जिससे परिवार में सुख, शांति और रक्षा का आशीर्वाद मिलता है। इस साल 2025 में यह पर्व 7 जून, शनिवार को मनाया जाएगा, और भक्तों के लिए यह दिन विशेष रूप से पुण्यदायक होगा।

किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह | #VastuTips #KitchenVastu #Lifestyle
किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

Ram Laxman Dwadashi 2025: राम लक्ष्मण द्वादशी कब है?

राम लक्ष्मण द्वादशी 2025 की तिथि 7 जून को सुबह 4:47 बजे शुरू होगी और 8 जून को सुबह 7:17 बजे समाप्त होगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:44 से 4:26 तक, प्रातः संध्या 4:05 से 5:07 तक, और अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:30 से 12:24 तक रहेगा।

बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां
बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां

पूजा की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और व्रत के संकल्प के साथ करें। घर में स्वच्छ स्थान पर पीले वस्त्र पर श्रीराम और लक्ष्मण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

पंचामृत से स्नान, चंदन, फूल, तुलसी और भोग अर्पित करें। “ॐ रामाय नमः” और “ॐ लक्ष्मणाय नमः” मंत्रों का जाप करें, और रामचरितमानस या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजा सम्पन्न करें।

40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स
40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स

इस पर्व का महत्व भक्ति और पारिवारिक एकता को बढ़ावा देने में है। मान्यता है कि इस व्रत से राजा दशरथ को श्रीराम और लक्ष्मण जैसे पुत्र प्राप्त हुए थे। यह दिन भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने और संतान सुख की कामना के लिए विशेष माना जाता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment