ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Saraswati Puja 2026 date: जानिए वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को प्रसन्न करने का सही समय

On: July 11, 2025 7:37 PM
Follow Us:
Saraswati Puja 2026 date: जानिए वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को प्रसन्न करने का सही समय
Join WhatsApp Group

Saraswati Puja 2026 date Know the right time to please Goddess Saraswati on Vasant Panchami saraswati puja 2026 ki tarikh: सरस्वती पूजा 2026 की तारीख और मुहूर्त सामने आ चुका है। जानिए कब और कितने बजे होगी मां सरस्वती की आराधना, वसंत पंचमी का महत्व और पूजा विधि।

सरस्वती पूजा 2026 की तारीख 23 जनवरी, शुक्रवार को है। इस दिन सुबह 7:15 से दोपहर 12:50 तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना कर छात्र और कलाकार ज्ञान, एकाग्रता और सफलता की कामना करते हैं।

Saraswati Puja 2026 date: सरस्वती पूजा 2026 की तारीख

सरस्वती पूजा 2026 की तारीख सामने आते ही देशभर के स्कूल-कॉलेजों से लेकर सांस्कृतिक संगठनों में तैयारियां तेज हो गई हैं। वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व होता है। यह दिन विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए बेहद खास होता है। आइए जानते हैं इस पर्व की तारीख, मुहूर्त और धार्मिक महत्व।

सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें
सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें

सरस्वती पूजा मुहूर्त की पूरी जानकारी

साल 2026 में सरस्वती पूजा शुक्रवार, 23 जनवरी को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7:15 से दोपहर 12:50 तक रहेगा। पूजा की कुल अवधि 5 घंटे 36 मिनट की होगी। वसंत पंचमी की तिथि 23 जनवरी को सुबह 2:28 बजे से शुरू होकर 24 जनवरी को सुबह 1:46 बजे तक चलेगी।

इस दिन विद्या और बुद्धि की देवी को पीले वस्त्र, पीले फूल और अक्षत अर्पित किए जाते हैं। विद्यार्थियों द्वारा अपनी पुस्तकों और पेन पर भी पूजा की जाती है ताकि मां की कृपा से सफलता प्राप्त हो।

Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका
Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका

मां सरस्वती का रूप और महत्व

मां सरस्वती को वीणा वादिनी कहा जाता है वह जो संगीत और ज्ञान के हर स्वर को संचालित करती हैं। उनका वाहन सफेद हंस पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है। पुराणों में वे लक्ष्मी और पार्वती के साथ त्रिदेवियों में शामिल हैं। उनका यह रूप कला, शिक्षा और चेतना का स्रोत है।
वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा कर मनुष्य अपने जीवन में स्थिरता, विवेक और प्रखर बुद्धि की कामना करता है। इस दिन विद्यालयों, संस्थानों और घरों में विशेष आयोजन होते हैं।

छात्रों और कलाकारों के लिए विशेष दिन

घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी
घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी

वसंत पंचमी को विशेष तौर पर छात्र और कलाकार मां सरस्वती को याद करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा से पढ़ाई में एकाग्रता आती है और कला के क्षेत्र में प्रगति मिलती है। कई स्थानों पर सरस्वती प्रतिमा की स्थापना कर भव्य आयोजन होते हैं।

इसके अलावा, यह दिन शिक्षा को सम्मान देने का दिन भी होता है जहां विद्यार्थी अपने गुरुजन व पुस्तकों को श्रद्धा पूर्वक प्रणाम करते हैं।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment