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Skanda Sashti Vrat Katha: चमत्कारी कथा! कैसे भगवान कार्तिकेय ने खत्म किया तारकासुर का आतंक

On: नवम्बर 26, 2025 8:19 पूर्वाह्न
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Skanda Sashti Vrat Katha: चमत्कारी कथा! कैसे भगवान कार्तिकेय ने खत्म किया तारकासुर का आतंक
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Skanda Sashti Vrat Katha: स्कंद षष्ठी हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और शक्तिशाली माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव के वीर पुत्र भगवान कार्तिकेय की उस दिव्य विजय को समर्पित है, जब उन्होंने अत्याचारी दैत्य तारकासुर का वध करके तीनों लोकों को राहत दिलाई। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से भय, रोग और संकट दूर होते हैं।

तारकासुर का आतंक और वरदान Skanda Sashti Vrat Katha

कथा के अनुसार दैत्य राज तारकासुर ने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी को प्रसन्न किया और उनसे वरदान प्राप्त किया कि उसका वध केवल शिवजी के पुत्र के हाथों ही हो सकता है।

तारकासुर को यह विश्वास था कि माता सती के देह-त्याग के बाद शिवजी संसार से विरक्त होकर समाधि में लीन हो चुके हैं, ऐसे में उनके पुत्र का जन्म असंभव है।

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इसी अहंकार में वह तीनों लोकों में अत्याचार करने लगा और देवताओं का जीवन संकट में डाल दिया। निराश देवता पहले ब्रह्मा और फिर भगवान विष्णु के पास पहुंचे। विष्णु जी ने सृष्टि की रक्षा हेतु शिवजी को पुनः गृहस्थ जीवन की ओर लाने का उपाय सुझाया।

कामदेव का प्रयास और शिव का क्रोध

देवताओं ने शिवजी की समाधि भंग करने के लिए कामदेव को भेजा। कामदेव ने पुष्पबाण चलाए, लेकिन शिवजी अत्यंत क्रोधित हुए और तीसरी आंख खोलकर कामदेव को भस्म कर दिया।

बाद में माता पार्वती के कठोर तप से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनसे विवाह किया। समय आने पर शिवजी के तेज से छः मुख और बारह भुजाओं वाले तेजस्वी पुत्र कुमार कार्तिकेय का जन्म हुआ।

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कार्तिकेय का जन्म और देवसेना का नेतृत्व

जन्म के बाद कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति बनाया गया। उन्हें तारकासुर के आतंक से मुक्ति दिलाने का दायित्व सौंपा गया। देवताओं को उम्मीद थी कि दिव्य शक्तियों से युक्त कार्तिकेय ही इस दैत्य का अंत कर सकेंगे।

छः दिनों का प्रचंड युद्ध

षष्ठी तिथि पर युद्ध आरंभ हुआ। यह संग्राम पूरे छः दिनों तक चलता रहा। कार्तिकेय ने अपनी दिव्य शक्ति ‘वलय’ (शक्ति भाला वेल) से सातवें दिन तारकासुर का वध कर दिया।

दैत्य के नाश के बाद देवलोक में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी और सभी देवताओं ने कार्तिकेय जी की आराधना की।

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उसी विजय की स्मृति में हर वर्ष स्कंद षष्ठी का पर्व उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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