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Sleep with covered face: रात में मुंह ढककर सोते हैं तो तुरंत छोड़ दें वैज्ञानिकों ने बताया चौंकाने वाला सच

On: November 29, 2025 7:55 PM
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Sleep with covered face: रात में मुंह ढककर सोते हैं तो तुरंत छोड़ दें वैज्ञानिकों ने बताया चौंकाने वाला सच
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Sleep with covered face: ठंड हो या तेज रोशनी कई लोग नींद में आराम पाने के लिए चादर या कंबल से पूरा चेहरा ढक लेते हैं। कुछ तो इतने आदती होते हैं कि बिना सिर ढके नींद ही नहीं आती। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह छोटी सी आदत धीरे धीरे शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार चेहरा ढककर सोना ऑक्सीजन की कमी और कई तरह के हेल्थ इश्यू की वजह बन सकता है।

चेहरा ढकते ही कम हो जाता है ताजी हवा का रास्ता

नींद के दौरान शरीर को लगातार फ्रेश एयर की जरूरत होती है, लेकिन कंबल में चेहरा कैद होने से हवा का फ्लो रुक जाता है। इससे ऑक्सीजन लेवल गिरने लगता है और कार्बन डाइऑक्साइड अधिक जमा होती है। इसका असर आपकी नींद और एनर्जी लेवल दोनों पर पड़ता है। यही वजह है कि कई लोग सुबह उठकर सुस्ती और भारीपन महसूस करते हैं।

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कार्बन डाइऑक्साइड बढ़कर बनती है बड़ी परेशानी

वैज्ञानिक बताते हैं कि मुंह ढककर सोने पर हम बार बार वही हवा अंदर लेते हैं जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा होती है। धीरे धीरे इस आदत से सांस लेने की क्षमता पर असर पड़ सकता है और दिमाग तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है। लंबे समय तक ऐसा चलने पर सिर दर्द, थकान और चक्कर जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

कम ऑक्सीजन का दिमाग पर सीधा असर

रिसर्च में पाया गया है कि जब शरीर में ऑक्सीजन कम और CO₂ ज्यादा हो जाती है तो ब्रेन अपनी एक्टिविटी धीमी कर देता है। इसका असर सुबह उठते ही महसूस होने लगता है जैसे चिड़चिड़ापन, ध्यान न लगना और सिर में वजन सा महसूस होना। विशेषज्ञों का मानना है कि रात में दिमाग जितना ऑक्सीजन पाता है उसी पर उसकी रिकवरी निर्भर करती है।

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बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा रिस्क

डॉक्टर्स बताते हैं कि बच्चों, बुजुर्गों और जो लोग सांस की दिक्कत झेल रहे हैं उनके लिए यह आदत और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। उन्हें ऑक्सीजन की कमी जल्दी प्रभावित करती है जिससे बेचैनी, सांस रुकने जैसा अहसास या अचानक नींद टूटने की समस्या बढ़ सकती है।

बॉडी हीट बढ़ाकर बिगाड़ता है बैलेंस

जब चेहरा ढका रहता है तो शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे बॉडी टेंपरेचर बढ़ने लगता है और dehydrate महसूस होता है। कई लोग इसी वजह से सुबह उठते ही थकान या गर्मी महसूस करते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि स्लीप टाइम में शरीर का ठंडा रहना बहुत जरूरी है ताकि नींद क्वालिटी बनी रहे।

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नींद की क्वालिटी पर पड़ता है सीधा असर

मुंह ढककर सोने से कई लोगों को खर्राटे आने, सांस में हल्का दबाव महसूस होने और बार बार नींद टूटने की समस्या रहती है। खराब नींद अगले दिन मूड, फोकस और एनर्जी सब कुछ बिगाड़ देती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने का कमरा वेंटिलेटेड रखें और चेहरा हमेशा खुला छोड़ें।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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