Utpanna Ekadashi: इस बार मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर 2025, शनिवार को है। इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा। द्रिक पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा और राहुकाल सुबह 9:25 से 10:45 बजे तक रहेगा।
पद्म पुराण, स्कंद पुराण और भविष्योत्तर पुराण में बताया गया है कि इस एकादशी का व्रत रखने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की खास पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती और अपार पुण्य मिलता है।
उत्पन्ना एकादशी पर क्या करें – जरूर फॉलो करें Utpanna Ekadashi
ब्रह्ममुहूर्त में उठकर नहाएं-धोएं। घर के मंदिर या पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें और गंगाजल छिड़कें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें। उन्हें धूप, दीप, अक्षत, पीले फूल चढ़ाएं। व्रत कथा जरूर सुनें और भगवान विष्णु की आरती करें।
आरती के बाद आचमन करें। पूरा दिन निराहार रहें, सिर्फ फल-दूध लें या जलाहार करें। भगवान का ध्यान करें, मंत्र जप करें और भागवत गीता या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। गाय की सेवा करें और गोशाला में दान करें। जो लोग दान कर सकते हैं, वे जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दें।
जिन्हें व्रत रखना मुश्किल हो – बीमार, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग या छोटे बच्चे – वे भी बिना व्रत के सिर्फ पूजा, मंत्र जप, दान-पुण्य और ग्रंथ पाठ करके एकादशी का पूरा फल पा सकते हैं।
उत्पन्ना एकादशी पर क्या बिल्कुल न करें
चावल, अनाज, प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा का सेवन न करें
झूठ बोलना, क्रोध करना, किसी का अपमान करना वर्जित है
बाल या नाखून न काटें
दूसरे की निंदा या चुगली न करें
तुलसी के पत्ते न तोड़ें (एकादशी के दिन तुलसी दल तोड़ना मना है)
रात में सोने से बचें, जागरण करें या कम से कम भजन-कीर्तन करें
इस बार उत्पन्ना एकादशी पर इन नियमों का पालन करें तो जीवन में सुख-समृद्धि और शांति जरूर आएगी।













