ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Vastu Tips for Home Temple: घर में मंदिर बनवाने से पहले जान लें ये वास्तु टिप्स! सुख-समृद्धि की होगी बरसात

On: August 29, 2025 8:00 AM
Follow Us:
Vastu Tips for Home Temple: घर में मंदिर बनवाने से पहले जान लें ये वास्तु टिप्स! सुख-समृद्धि की होगी बरसात
Join WhatsApp Group

Vastu Tips for Home Temple: Know these Vastu tips before building a temple in your home! There will be a shower of happiness and prosperity: नई दिल्ली | भारतीय घरों में मंदिर का खास महत्व होता है। यह सिर्फ आस्था और भक्ति का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और शांति का स्रोत भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर में मंदिर की सही दिशा और स्थान का बहुत ध्यान रखना चाहिए? अगर नहीं,

तो आज हम आपको कुछ जरूरी वास्तु टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें मंदिर बनवाने से पहले फॉलो करना जरूरी है। इन नियमों को अपनाने से आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। आइए जानते हैं ये खास वास्तु नियम।

मंदिर की सही दिशा Vastu Tips for Home Temple

घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी
घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी

वास्तु शास्त्र में मंदिर के लिए सबसे अच्छी दिशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) मानी गई है। यह दिशा देवी-देवताओं को सबसे प्रिय होती है। इस दिशा में मंदिर बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पूजा का पूरा फल मिलता है। इसलिए मंदिर बनवाते समय हमेशा ईशान कोण का चयन करें।

इन जगहों पर भूलकर भी न बनाएं मंदिर

मंदिर की सही जगह चुनने से पहले यह जानना जरूरी है कि किन जगहों पर मंदिर बनाना अशुभ हो सकता है। वास्तु के अनुसार, मंदिर को कभी भी बेडरूम के अंदर, बाथरूम के पास या सीढ़ियों के नीचे नहीं बनाना चाहिए। ऐसी जगहों पर मंदिर बनाना नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है और घर की शांति भंग हो सकती है।

नीता अंबानी ने पहनी 24 महीने में तैयार हुई जामदानी साड़ी, पल्लू पर दिखती है पूरी कहानी
नीता अंबानी ने पहनी 24 महीने में तैयार हुई जामदानी साड़ी, पल्लू पर दिखती है पूरी कहानी

मंदिर की ऊंचाई का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र में मंदिर की ऊंचाई को लेकर भी साफ नियम हैं। मंदिर को हमेशा फर्श से ऊपर रखना चाहिए। मूर्तियों को सीधे जमीन पर रखने की बजाय, किसी ऊंचे स्थान पर स्थापित करें। इसके लिए आप लकड़ी या लोहे का स्टैंड इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे मंदिर की पवित्रता बनी रहती है और पूजा का माहौल और सकारात्मक होता है।

Mental Health: अकेले में बड़बड़ाना नहीं है बीमारी, विज्ञान ने बताया इसके पीछे का हैरान करने वाला सच
Mental Health: अकेले में बड़बड़ाना नहीं है बीमारी, विज्ञान ने बताया इसके पीछे का हैरान करने वाला सच

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment