Aaj ka Panchang 5 May 2025 sita navami puja muhurat, baglamukhi jayanti muhurat in Hindi: 5 मई 2025 का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन सीता नवमी, मां बगलामुखी जयंती, और दुर्गा अष्टमी एक साथ मनाई जाएंगी। वैशाख मास का यह पवित्र दिन मां सीता, भगवान राम, और मां बगलामुखी की भक्ति के लिए समर्पित है। इस दिन धार्मिक कार्य, दान, और पूजा-पाठ से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त की जा सकती है। वैशाख मास में जल, फल, और धार्मिक पुस्तकों का दान विशेष फलदायी माना जाता है। आइए, इस दिन के शुभ मुहूर्त, पंचांग, और धार्मिक कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
Aaj ka Panchang 5 May 2025: आज का पंचांग ग्रह-नक्षत्रों की चाल
5 मई 2025 को विक्रम संवत 2082 के वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में अष्टमी तिथि सुबह 7:37 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। यह दिन सोमवार है, और सूर्योदय सुबह 5:38 बजे तथा सूर्यास्त शाम 6:58 बजे होगा। नक्षत्र की बात करें तो आश्लेषा नक्षत्र दोपहर 2:02 बजे तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा कर्क राशि में दोपहर 2:02 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य मेष राशि में रहेगा। करण बव सुबह 7:28 बजे तक, फिर बालव होगा, और योग वृद्धि रहेगा।
सीता नवमी 2025: पूजा का शुभ मुहूर्त
सीता नवमी मां सीता और भगवान राम की भक्ति का पवित्र दिन है। इस दिन पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 10:58 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक रहेगा। मध्याह्न का विशेष क्षण दोपहर 12:18 बजे होगा। इस समय मां सीता की पूजा, रामचरितमानस का पाठ, और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। पूजा में मां सीता को लाल वस्त्र, फूल, और मिठाई अर्पित करें।
मां बगलामुखी जयंती: शत्रु नाश की देवी
मां बगलामुखी जयंती का पूजा मुहूर्त सुबह 7:35 बजे तक रहेगा, क्योंकि इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। मां बगलामुखी शत्रुओं पर विजय और नकारात्मकता को दूर करने वाली देवी हैं। इस दिन बगलामुखी मंत्र का जाप और पीले वस्त्रों के साथ पूजा करने से जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ भी इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
शुभ और अशुभ मुहूर्त
इस दिन कई शुभ मुहूर्त हैं, जो धार्मिक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयुक्त हैं। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:21 बजे से 3:24 बजे तक, और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:23 बजे से 7:22 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:05 बजे से 5:09 बजे तक और अमृत काल सुबह 6:02 बजे से 7:43 बजे तक रहेगा। निशीथ काल रात 11:41 बजे से 12:21 बजे तक होगा। संध्या पूजन का समय शाम 6:21 बजे से 7:09 बजे तक रहेगा।
हालांकि, राहुकाल सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो, तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर यात्रा करें।
वैशाख मास में करें ये पुण्य कार्य
वैशाख मास में धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करें और पार्थिव शिवलिंग की पूजा करें। पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें और गाय को गुड़, रोटी, या हरा चारा खिलाएं। गौशाला में सेवा करने से अखंड पुण्य मिलता है। सोमवार व्रत रखकर प्रदोष काल में शिव मंदिर में दीप जलाएं। मन को सात्विक और निर्मल रखें, क्योंकि यह आध्यात्मिक उन्नति का आधार है। जल, फल, और धार्मिक पुस्तकों का दान करें, जो वैशाख मास में विशेष फल देता है।
राहु का कुंभ राशि में गोचर
18 साल बाद पापी ग्रह राहु 5 मई 2025 को कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, जो कुछ राशियों के लिए शुभ रहेगा। इस गोचर से धनु, मीन, और कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। इस दिन राहु के प्रभाव को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।
क्यों खास है यह दिन?
5 मई 2025 का दिन सीता नवमी, बगलामुखी जयंती, और दुर्गा अष्टमी के संयोग के कारण अत्यंत शुभ है। इस दिन पूजा, दान, और सात्विक कार्यों से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। यह पंचांग आपको सही समय और विधि के साथ अपने धार्मिक कार्यों को पूरा करने में मदद करेगा।












