Gandhi Jayanti Poem: महात्मा गांधी को हम राष्ट्रपिता, स्वतंत्रता संग्राम के नायक और सत्य-अहिंसा के पुजारी के रूप में जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बापू को कविताओं से भी गहरा लगाव था। उन्होंने अपनी जिंदगी के अनुभवों और आदर्शों को न सिर्फ भाषणों या आंदोलनों के जरिए, बल्कि कविताओं के माध्यम से भी व्यक्त किया। उनकी रचनाएं सादगी, प्रेम, सेवा और करुणा से भरी हैं। गांधी जी मानते थे कि कविता सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज है, जो इंसान को अंदर से बदल देती है। आइए, गांधी जयंती के मौके पर उनकी कुछ मशहूर कविताओं की बात करते हैं।
Gandhi Jayanti Poem: बापू की प्रेरक रचनाएं
गांधी जी की कविताएं और भजन लोगों को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनकी रचनाओं में सादगी और गहरे मानवीय मूल्य झलकते हैं। इनमें से कई कविताएं आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं। उनकी सबसे मशहूर रचना है:
वैष्णव जन
वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे
पर दुख्खे उपकार करे तोए, मन अभिमान ना आणे रे
सकळ लोक मान सहुने वंदे, नींदा न करे केनी रे
वाच काछ मन निश्चळ राखे, धन धन जननी तेनी रे
जनवरी
प्रात:काल का समय, रोजमर्रा की जिंदगी,
उलझी अंगुलियां-दिमाग, स्वत: चलते,
मस्तिष्क पर थोड़ा जोर डाला, कुछ याद आया,
खींचकर पर्स से, चेकबुक बाहर निकाली।
बच्चों के लिए गांधी जी की कविताएं
गांधी जी की रचनाएं बच्चों को भी आसानी से सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाती हैं। ये कविताएं सरल और याद रखने में आसान हैं। कुछ उदाहरण देखिए:
सच का दीपक
सत्य और अहिंसा के पथ पर, चलना हमें सिखाया।
झूठ और हिंसा छोड़कर, सच का दीप जलाया।
गांधी जी
खादी वाले कपड़े पहनकर, बना दिया इतिहास।
गांधी जी के आदर्शों से, भारत हुआ खास।
राष्ट्रपिता
राष्ट्रपिता कहलाए गांधी, सादगी जिनकी पहचान।
हमें सिखाया प्रेम और सेवा, सच्चाई का दिया विधान।
प्रसिद्ध कवियों की नजर में गांधी
कई मशहूर कवियों ने भी गांधी जी पर कविताएं लिखीं, जो उनके विचारों को और गहराई से दर्शाती हैं। कुछ उदाहरण:
केदारनाथ अग्रवाल
दुख से दूर पहुंचकर गांधी, सुख से मौन खड़े हो।
मरते-खपते इंसानों के, इस भारत में तुम्ही बड़े हो।
हरिवंशराय बच्चन
एक दिन इतिहास पूछेगा, कि तुमने जन्म गांधी को दिया था।
जिस समय अधिकार, शोषण, स्वार्थ, हो निर्लज्ज, हो निशंक, हो निर्द्वंद।
सद्द-जगे, संभले राष्ट्र में घुन से लगे, जर्जर उसे करते रहे थे।
तुम कहां थे, और तुमने क्या किया था।
गांधी जी की कविताएं और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। ये रचनाएं न सिर्फ हमें सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाती हैं, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी प्रेरित करती हैं। गांधी जयंती के मौके पर उनकी इन रचनाओं को याद करना हमें उनके आदर्शों के करीब लाता है।













