कुरुक्षेत्र (गीता महोत्सव 2025)। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शनिवार को सरस व शिल्प मेले के उद्घाटन के साथ आगाज होगा। इसके साथ ही ब्रह्मसरोवर के तटों पर देश की शिल्प व लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत का संगम दिखाई देगा। शिल्प और सरस मेले का शुभारंभ राज्यपाल असीम कुमार घोष करेंगे। पहली बार 21 दिन 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलने वाले महोत्सव में 50 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
गीता महोत्सव 2025: 200 स्टॉल आरक्षित
देश के विभिन्न राज्यों से शिल्पकार ब्रह्मसरोवर तटों पर लगाई गई स्टाॅलों पर कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों के लिए भी ब्रह्मसरोवर के घाटों को सजाया गया है। ब्रह्मसरोवर परिसर में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला से जुड़े शिल्पकारों के लिए 200 स्टॉल आरक्षित किए गए हैं।
वहीं मेले के लिए 60, खादी के लिए 21 आरक्षित किए गए हैं। 80 समाजसेवी संस्थाओं को नि:शुल्क स्टॉल आवंटित किए गए और 25 स्टॉल खान-पान के लिए तय की गई हैं। सरस मेले में 19 राज्यों के सेल्फ हेल्प ग्रुप और बेहतरीन शिल्पकारों के स्टॉल तय किए गए हैं। वहीं प्रदेश के सभी 22 जिलों के शिल्पी भी अपनी-अपनी शिल्पकला का प्रदर्शन करेंगे। शिल्पकारों में 20 नेशनल अवार्डी भी शामिल होंगे।
पिछले साल पहुंचे थे करीब 45 लाख लोग
महोत्सव में पिछले वर्ष करीब 45 से 50 लाख लाख लोग पहुंचे थे जबकि एक करोड़ छह लाख से ज्यादा लोगों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महोत्सव देखा था। केडीबी की वेबसाइट से ही 17 लाख लोग जुड़े थे। केडीबी मानद सचिव पंकज सेतिया का कहना है कि इस बार महोत्सव का अधिक विस्तार हुआ है और 60 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
सजेगा हरियाणा-मध्यप्रदेश पेवेलियन
महोत्सव में हरियाणा के साथ-साथ सहभागी प्रदेश मध्यप्रदेश का भी पेवेलियन सजेगा। पुरुषोत्तमपुरा बाग के समक्ष द्रोपदी कूप के आसपास ही ये पेवेलियन बनाए जाएंगे जिनका शुभारंभ 24 नवंबर को मुख्य कार्यक्रमों के शुभारंभ के साथ ही होगा। पेवेलियन में लोक संस्कृति से लेकर शिल्पकला के दर्शन होंगे।












