Google Real Time Scam Detection फीचर भारत में लॉन्च हुआ है, जो कॉल के दौरान AI की मदद से रियल-टाइम में स्कैम अलर्ट देता है। गूगल ने Anti Screen Sharing प्रोटेक्शन और SynthID सुरक्षा टूल्स भी पेश किए हैं।
भारत में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए गूगल ने अपनी अब तक की सबसे एडवांस AI सुरक्षा लाइन पेश कर दी है। कंपनी ने Real Time Scam Detection फीचर लॉन्च किया है, जो कॉल के दौरान बिना किसी रिकॉर्डिंग के तुरंत स्कैम अलर्ट भेजता है।
इसके साथ गूगल ने वित्तीय ऐप्स के लिए Anti Screen Sharing Protection, मजबूत Play Protect निगरानी, और SynthID AI सुरक्षा टूल्स भी जारी किए हैं। गूगल ने भारत को अपने ग्लोबल AI सिक्योरिटी मिशन का “प्रूविंग ग्राउंड” बताया है।
भारत के लिए 360° Google AI सिक्योरिटी प्लान
गूगल ने कहा कि भारत जैसे विशाल डिजिटल मार्केट के लिए AI-आधारित सुरक्षा अब जरूरी हो चुकी है। कंपनी ऑन-डिवाइस और ऑन-क्लाउड दोनों स्तरों पर सिक्योरिटी को मजबूत कर रही है।
Google VP Evan Kotsovinos ने भारत को दुनिया का AI सेफ्टी टेस्टिंग ग्राउंड बताया। वहीं, Google India की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि डिजिटल लिटरेसी और लगातार रिसर्च इस सुरक्षा रणनीति के मुख्य स्तंभ हैं।
Pixel फोन्स में आया Real-Time Scam Detection
गूगल ने Pixel स्मार्टफोन्स के लिए Gemini Nano आधारित Real-Time Scam Detection शुरू किया है। यह फीचर कॉल के दौरान संदिग्ध बातचीत को पहचानकर यूजर को तुरंत चेतावनी देता है वो भी बिना ऑडियो रिकॉर्ड किए।
फीचर की मुख्य बातें:
यह डिफॉल्ट रूप से ऑफ रहता है
केवल अननोन नंबर पर काम करता है
कॉल के दौरान बीप देकर अलर्ट करता है
यूजर जब चाहे इसे ऑन-ऑफ कर सकता है
फाइनेंशियल ऐप्स के लिए एंटी-स्क्रीन-शेयरिंग सुरक्षा
Google ने Google Pay, PayTM, Navi जैसे ऐप्स के साथ मिलकर नया सुरक्षा फीचर शुरू किया है।
Android 11+ डिवाइस पर यदि कोई यूजर स्क्रीन शेयर करते समय इन ऐप्स को खोलता है, तो स्क्रीन पर बड़ा चेतावनी अलर्ट दिखता है।
यूजर एक टैप में:
स्क्रीन शेयरिंग बंद कर सकता है
कॉल खत्म कर सकता है
Google Play Protect ने भारत में 11.5 करोड़ से अधिक खतरनाक साइडलोडेड ऐप इंस्टॉल प्रयासों को ब्लॉक करने का दावा किया है।
ePNV, SynthID और नया सिस्टम-लेवल प्रोटेक्शन
Google ने Enhanced Phone Number Verification (ePNV) सिस्टम की घोषणा की है, जो SMS OTP की बजाय SIM-आधारित वेरिफिकेशन का अधिक सुरक्षित तरीका देता है।
इसके साथ:
SynthID Detector और SynthID API का शुरुआती एक्सेस भारत के मीडिया और रिसर्च पार्टनर्स Jagran, PTI, India Today को दिया गया है।
इन टूल्स का मकसद AI-generated कंटेंट पहचानना और गलत सूचना को रोकना है।
Google का कहना है कि ये कदम भारत में मजबूत AI सुरक्षा इकोसिस्टम बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।













