ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Sawan 2026 Date: इस साल कब से शुरू हो रहा है सावन का महीना? नोट कर लें सही तारीख और सोमवार व्रत की लिस्ट

On: मई 22, 2026 2:37 अपराह्न
Follow Us:
Sawan 2026 Date: इस साल कब से शुरू हो रहा है सावन का महीना? नोट कर लें सही तारीख और सोमवार व्रत की लिस्ट
Join WhatsApp Group

चंडीगढ़, 22 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Sawan Somwar 2026 list: देशभर के शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर जल्द ही ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ की गूंज सुनाई देने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल का पांचवां और सबसे पवित्र महीना माना जाने वाला सावन (श्रावण) इस साल 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। दृक पंचांग की गणना के मुताबिक, इस दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी, हरिद्वार, दिल्ली-NCR और हरियाणा के शिवालयों में इस दिन से विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का दौर शुरू हो जाएगा। आमतौर पर जुलाई और अगस्त के महीने में पड़ने वाला यह समय पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में रंगा रहता है।

28 अगस्त को होगा समापन, इस बार पड़ेंगे 4 सोमवार

साल 2026 में सावन (Sawan) का महीना कुल 30 दिनों का रहने वाला है। इस पावन महीने का समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा, जिस दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाता है। सावन के महीने में सोमवार के व्रत का विशेष महत्व होता है। इस साल पंचांग के अनुसार सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं, जो इस प्रकार हैं:

पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026

दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026

Blinkit पर मिल रहा iPhone 18 Pro, Apple Store पर भारी भीड़, जानें iPhone 18 Pro का पूरा गणित | why-people-queue-at-apple-store-despite-iphone-18-pro-on-blinkit-zepto
Blinkit पर मिल रहा iPhone 18 Pro, Apple Store पर भारी भीड़, जानें iPhone 18 Pro का पूरा गणित

तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026

चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

(नोट: स्रोत सामग्री में दी गई तिथियों में पंचांग गणना के अनुसार केवल सावन के भीतर आने वाले सोमवारों की क्रोनोलॉजी को स्पष्ट किया गया है।)

समुद्र मंथन से जुड़ा है सावन का रहस्य, क्यों कहलाए नीलकंठ?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन (Sawan) के महीने का भगवान शिव से संबंध सृष्टि को बचाने के लिए किए गए महान त्याग से जुड़ा है। पुराणों में वर्णित कथा के मुताबिक, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत की चाह में समुद्र मंथन किया था, तो उसमें से चौदह रत्न निकले थे। लेकिन इन रत्नों के साथ-साथ समुद्र से ‘हलाहल’ नामक एक अत्यंत घातक और विनाशकारी विष भी निकला था। इस विष की गर्मी और तीव्रता इतनी भयानक थी कि इससे पूरी सृष्टि नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई थी। तब सभी देवताओं और असुरों ने इस महासंकट से उबरने के लिए भगवान शिव की शरण ली और उनसे रक्षा की प्रार्थना की।

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

विष की ज्वाला को शांत करने के लिए हुआ था जलाभिषेक

सृष्टि को तबाही से बचाने के लिए महादेव ने उस घातक विष को पीना स्वीकार किया। उन्होंने ब्रह्मांड की रक्षा के लिए विष को पूरी तरह निगलने के बजाय अपने कंठ (गले) में ही रोक लिया। विष के तीव्र प्रभाव के कारण भगवान शिव का कंठ पूरी तरह नीला पड़ गया, जिसके बाद से उन्हें ‘नीलकंठ’ के नाम से पूजा जाने लगा। यह ऐतिहासिक और पौराणिक घटना सावन के महीने में ही घटी थी। विष की भयंकर ज्वाला के कारण महादेव के शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया था और वे तपने लगे थे।

आज भी जारी है सदियों पुरानी परंपरा

भगवान शिव के शरीर के तापमान को कम करने और उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए सभी देवताओं ने उन पर लगातार गंगाजल और पवित्र नदियों का जल चढ़ाना शुरू किया। जल की धार से महादेव के शरीर की तपन शांत हुई और उन्हें राहत मिली। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तभी से सावन (Sawan) के महीने में शिव जी को जल अर्पित करने यानी जलाभिषेक करने की यह परंपरा शुरू हुई जो आज भी बदस्तूर जारी है। यही वजह है कि सावन के महीने में करोड़ों भक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर आते हैं और शिवरात्रि व सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं।

Cockroach Life Lessons: क्या सच में गाली है कॉकरोच? सिर कटने पर भी महीने भर जिंदा रहने वाले जीव के ये 5 गुण चौंका देंगे

Cockroach Janta Party: ‘कॉकरोच मरता नहीं है’, X अकाउंट ब्लॉक होने पर अभिजीत दीपके का बड़ा दावा

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

ब्रेकिंग न्यूज़ और Trending News अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now