कुरुक्षेत्र (Kurukshetra Weather)। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मंगलवार देर शाम मौसम का मिजाज बदल गया। करीब सात बजे तेज हवा शुरू हो गई। कुछ देर बाद हल्की बूंदाबांदी होनी शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक का अहसास हुआ। तापमान में तीन डिग्री तक गिरावट देखने को मिली।
दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों ने बुधवार को भी मौसम के परिवर्तनशील रहने की बात कही है। वहीं 6 से 9 नवंबर तक मौसम के खुश्क रहने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों ने मंगलवार को बारिश होने की पहले ही संभावना जताई थी।
Kurukshetra Weather: तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विशेषज्ञों ने बुधवार से तापमान में निरंतर गिरावट की संभावना जताई है। विशेषज्ञों ने कहा कि सप्ताहभर में अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री गिरावट होगी। ऐसे में आमजन को सर्दी का अहसास होगा। अधिकतम तापमान 23 डिग्री, वहीं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच सकता है।
प्रदूषण के स्तर में आएगी गिरावट
बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर में गिरावट आएगी। अभी हवा में प्रदूषण का स्तर 180 तक है, जोकि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। वातावरण में मौजूद प्रदूषण के कण बारिश के कारण आसमान से छंट जाएंगे जिससे वातावरण साफ होगा।
डेंगू, मलेरिया के बाद अब चिकनगुनिया की दस्तक
डेंगू व मलेरिया के बाद अब जिले में चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। जिले में चिकनगुनिया का एक मामला सामने आया है। पिछले साल चिकनगुनिया के तीन मरीज मिले थे। 2016 में सर्वाधिक 31 मामले मिले थे जबकि 2017 से लेकर 2023 तक जिले में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
डेंगू रोगियों का ग्राफ निरंतर बढ़ता जा रहा है। जिले में डेंगू के 43 और मलेरिया के चार मरीज सामने आ चुके हैं। विभाग की टीम को जिलेभर में रोजाना 60 से 70 स्थानों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिल रहा है। पिछले पांच दिनों में विभाग को 464 स्थानों पर लार्वा मिला है। विभाग अभी तक 1382 लोगों को नोटिस थमा चुका है। गत वर्ष जिले की 10 कॉलोनी डेंगू हॉट स्पॉट बनी थीं।
चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द और दाने शामिल हैं। ज्यादातर लोग कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में जोड़ों का दर्द महीनों या सालों तक बना रहता है।
135 टीमें रोजाना जांच रही छह हजार घर
विभाग की 135 टीमें जिलेभर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। कर्मचारी लोगों के घरों में डोर टू डोर जाकर रोजाना छह हजार घरों में लार्वा की जांच कर रहे हैं। साथ ही लोगों की काउंसलिंग भी की जा रही है।













