Rajasthan Weather Double whammy of heat in Rajasthan Heat wave begins: राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां सूरज की तपिश और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश का सिलसिला थमने के बाद पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, और बीते दिन कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रविवार से पश्चिमी राजस्थान में लू का प्रकोप शुरू हो सकता है, और अगले सप्ताह तक बारिश की संभावना भी कम है। ऐसे में, राजस्थानवासियों को गर्मी और उमस से जूझने के लिए तैयार रहना होगा।
Rajasthan Weather: लू और गर्मी से बेहाल राजस्थान
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, 8 से 10 जून तक बीकानेर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा सकता है। बीकानेर, श्रीगंगानगर समेत चार जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है, और तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी की आशंका है।
कुछ शहरों में पारा 46 डिग्री तक पहुंच सकता है, जो गर्मी को और असहनीय बना देगा। राजधानी जयपुर में भी तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि देखने को मिल रही है, जिससे शहरवासी गर्मी से बेहाल हैं। मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय बाहर न निकलने, खूब पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
बीते दिन राजस्थान के कई शहरों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े। जैसलमेर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाड़मेर में 44.6, बीकानेर में 45.2, चूरू में 43.6, जोधपुर में 42.2, कोटा में 44, जयपुर में 41.8, अजमेर में 40.9, अलवर में 41, पिलानी में 42.2 और फतेहपुर में 41.2 डिग्री तापमान रहा।
इस तपिश ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया, और बाहर निकलने वाले धूल भरी हवाओं और गर्मी की मार से परेशान रहे।
मानसून की बात करें तो इस बार इसकी शुरुआत जल्दी हुई थी, लेकिन मध्य भारत पहुंचते-पहुंचते इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अभी महाराष्ट्र के आसपास रुका हुआ है, और राजस्थान में इसके समय से पहले पहुंचने की उम्मीद कम है।
हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इस बार राजस्थान में सामान्य से 110 से 115 प्रतिशत अधिक बारिश होने की संभावना है, जो पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। लेकिन तब तक, गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
राजस्थानवासियों के लिए यह समय धैर्य और सतर्कता का है। गर्मी से बचने के लिए छाता, टोपी और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।
जैसे ही मानसून की बारिश शुरू होगी, यह तपिश एक राहत भरी याद बन जाएगी। तब तक, सावधानी और समझदारी ही इस गर्मी से निपटने का सबसे अच्छा रास्ता है।













