Weather Today , Warning of heavy rain, thunderstorm and hailstorm in more than 20 states till May 8: देशभर में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 से अधिक राज्यों में 8 मई तक भारी बारिश, गरज-चमक, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर-पश्चिम से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम के तेवर तल्ख रहेंगे। आइए, इस मौसमी बदलाव और इसके प्रभावों को विस्तार से समझते हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी और बारिश Weather Today
आईएमडी के अनुसार, 7 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं, में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 6 मई के बीच ओलावृष्टि की भी संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में 4-5 मई को धूल भरी आंधी के बाद बारिश की उम्मीद है। यह मौसमी बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में बने चक्रवाती परिसंचरण का नतीजा है।
मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 4 से 6 मई तक गरज-चमक के साथ बारिश और 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है। बिहार और ओडिशा में 5 मई को भारी बारिश की संभावना है। यह मौसमी गतिविधि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तर ओडिशा में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-दक्षिण ट्रफ के कारण है।
पूर्वोत्तर भारत में अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत, खासकर असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 8 मई तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बिजली गिरने से बचने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और रायलसीमा में अगले सात दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। यह मौसमी बदलाव दक्षिण तमिलनाडु तक फैले चक्रवाती परिसंचरण का परिणाम है।
मौसम का वैज्ञानिक आधार
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस मौसमी उथल-पुथल का मुख्य कारण है।
इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर ओडिशा में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-दक्षिण ट्रफ ने मौसम को और अस्थिर कर दिया है। इन मौसमी तंत्रों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहेगा।
लोगों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने, पेड़ों के नीचे न खड़े होने और बिजली गिरने से बचने की सलाह दी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी फसलों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी करने को कहा गया है। यह अलर्ट यात्रियों, किसानों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वे मौसम की मार से बच सकें।
मौसम का प्रभाव
यह मौसमी बदलाव जहां गर्मी से राहत दे सकता है, वहीं भारी बारिश और आंधी से बुनियादी ढांचे, खेती और दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस दौरान सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारी करने की जरूरत है। यह अलर्ट लोगों को समय रहते सावधानी बरतने का मौका देता है।













