चंडीगढ़ (Agriculture Policy): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आज चंडीगढ़ दौरे के दौरान 10 से अधिक सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट व्यय और प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार रिपोर्ट ली और लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में ऊर्जा, परिवहन, उद्योग, कृषि और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए और कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
रूफटाप सोलर सिस्टम को लेकर सख्त निर्देश
बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खेती में उपयोग होने वाले पंपों को सोलर आधारित बनाने की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना को निर्धारित समय में लागू करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में 5 हजार सरकारी भवनों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और उन पर रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ सहित प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दी जाए ताकि बिजली लागत में कमी आए और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले।
दालों की खेती और एमएसएमई को बढ़ावा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एमएसएमई के अंतर्गत छोटे उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दालों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। अधिक से अधिक किसानों को दालों की खेती की ओर आकर्षित करने के लिए विशेष नीति तैयार करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि विविधीकरण से किसानों की आय में वृद्धि होगी और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
अवैध कटाई और कौशल विकास पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने खैर के पेड़ों की गैरकानूनी कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने विदेश में शिक्षा या रोजगार की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। साथ ही ‘हर हित स्टोर’ और सीएम पैक्स की संख्या बढ़ाने तथा इनके संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि जनता को समय पर लाभ मिल सके।
बस अड्डों के जीर्णोद्धार पर जोर
बैठक में परिवहन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने खस्ताहाल बस अड्डों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि टोहाना, बरवाला और कनीना बस स्टैंडों का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। वहीं नीलोखेड़ी, बादली और बहल सहित अन्य बस अड्डों पर भी तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और बस अड्डों की स्थिति आधुनिक मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
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