चंडीगढ़, Bhavantar Bharpai Yojana Haryana : हरियाणा के किसान परिवारों, विशेषकर सब्जी की खेती करने वाले उत्पादकों के लिए राजधानी से राहत भरी खबर आई है। प्रदेश सरकार ने मंडियों में आलू और गोभी के गिरते दामों से हुए नुकसान की भरपाई हेतु ‘भावांतर भरपाई योजना’ का दायरा और समय दोनों बढ़ा दिया है। सरकार ने किसानों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए इन फसलों के लिए सहायता मांग रहे किसानों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की अंतिम तारीख को बढ़ाकर अब 20 फरवरी कर दिया है।
बागवानी फसलों का बढ़ा दायरा और सुरक्षा
उद्यान विभाग ने बागवानी के प्रति किसानों के बढ़ते रुझान और बाजार के उतार-चढ़ाव से होने वाले आर्थिक नुकसान को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब आलू व फूलगोभी के अलावा टमाटर, भिंडी, प्याज, घीया, करेला, मिर्च, शिमला मिर्च, बैंगन, लीची और आम को भी इस योजना का लाभ देने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर तय समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का पंजीकरण अवश्य करवा लें।
टमाटर और प्याज के लिए आज ही करें आवेदन
सरकार ने टमाटर के लिए 500 रुपये और प्याज के लिए 650 रुपये प्रति क्विंटल का संरक्षित मूल्य (Protected Price) तय किया है। इसके लिए किसानों को 15 फरवरी यानी आज तक ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जबकि इनका सत्यापन 15 मार्च तक पूरा किया जाएगा।
वहीं, भिंडी के लिए 1050 रुपये, घीया के लिए 450 रुपये, करेला के लिए 1350 रुपये और मिर्च के लिए 950 रुपये प्रति क्विंटल का भाव निर्धारित किया गया है। इन चारों सब्जियों के लिए किसान 31 मार्च तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और सत्यापन भी इसी अवधि में होगा।
शिमला मिर्च और फलों के लिए नई समय-सीमा
उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिमला मिर्च का संरक्षित मूल्य 900 रुपये और बैंगन का 500 रुपये तय किया गया है। इसके लिए 15 मार्च तक रजिस्ट्रेशन और 31 मार्च तक सत्यापन कार्य पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, फलों में लीची का संरक्षित मूल्य 2400 रुपये और आम का 1950 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया गया है, जिससे बागवानों को सीधा फायदा मिलेगा।
Tomato Pest Control: फरवरी में टमाटर की फसल पर मंडरा रहा कीटों का खतरा, ऐसे बचाएं अपनी 50% उपज
Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।













