Bihar Flood Compensation: Relief for farmers! ₹22,500 per hectare compensation for crop loss due to flood, apply by September 5: पटना, बिहार | बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर! अगस्त 2025 में बाढ़ और भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए बिहार सरकार ने मुआवजा योजना शुरू की है।
जिन किसानों की फसलें 33% या उससे ज्यादा बर्बाद हुई हैं, उन्हें ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा मिलेगा। इस योजना के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 5 सितंबर 2025 है। खास बात यह है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और बेहद आसान रखी गई है। आइए, इस योजना की पूरी जानकारी समझते हैं।
बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए राहत Bihar Flood Compensation
अगस्त 2025 में बिहार में आई बाढ़ और अत्यधिक बारिश ने कई किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025’ शुरू की है।
इस योजना के तहत 14 जिलों के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा, जिनकी फसलें 33% या उससे अधिक नष्ट हुई हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर होगा, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मुआवजा योजना के तहत कितनी राशि?
सरकार ने फसल नुकसान के आधार पर मुआवजे की राशि तय की है। असिंचित (बारानी) खेतों के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित खेतों के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर और शाश्वत/बहुवर्षीय फसलों (जैसे गन्ना) के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा।
इसके अलावा, न्यूनतम अनुदान के तौर पर असिंचित खेतों के लिए ₹1,000, सिंचित खेतों के लिए ₹2,000 और बहुवर्षीय फसलों के लिए ₹2,500 तय किया गया है।
किन जिलों को मिलेगा लाभ?
यह योजना बिहार के उन 14 जिलों के लिए लागू है, जहां बाढ़ ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। इनमें नालंदा, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, बेगूसराय, लखीसराय, पटना, भोजपुर, वैशाली, मुंगेर, सारण, समस्तीपुर, मधेपुरा और शेखपुरा शामिल हैं। इन जिलों के 64 प्रखंडों की 577 पंचायतों के किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तारीख
आवेदन की आखिरी तारीख 5 सितंबर 2025 है, और यह पूरी तरह ऑनलाइन होगी। किसान DBT पोर्टल या बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज इस प्रकार हैं:
रैयत किसान: अपडेटेड एलपीसी (LPC) और लगान रसीद (वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25)।
गैर-रैयत किसान: स्वघोषित प्रमाण पत्र, जो वार्ड सदस्य और कृषि समन्वयक से सत्यापित हो।
आवेदन के समय आधार सत्यापन अनिवार्य है। अगर दस्तावेजों या जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई गई, तो आवेदन रद्द हो सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ सभी पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत किसान उठा सकते हैं। इसमें “किसान परिवार” के तहत पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। आवेदन करने से पहले किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दस्तावेज पूरे और सही हों।
मदद के लिए कहाँ करें संपर्क?
अगर आवेदन में कोई परेशानी आती है, तो किसान टोल-फ्री नंबर 1800 180 1551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, स्थानीय कृषि पदाधिकारी या प्रखंड कृषि कार्यालय से भी मदद ली जा सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय सभी जानकारी सावधानी से भरें और दस्तावेज स्पष्ट रूप से अपलोड करें।
बिहार सरकार की इस योजना से बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। अगर आप भी इस योजना के पात्र हैं, तो 5 सितंबर 2025 से पहले ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। यह मुआवजा न सिर्फ आर्थिक मदद देगा, बल्कि किसानों को फिर से खेती शुरू करने का हौसला भी देगा।













