Crops MSP: “Great increase in MSP of Kharif crops: Government approves Rs 2,07,000 crore, victory for farmers: किसानों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों (kharif crops) की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बड़ी बढ़ोतरी (MSP hike) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) (farmer credit card) योजना के तहत ब्याज सहायता (interest subsidy) को जारी रखने का ऐलान किया है।
यह फैसला न केवल किसानों की आय (farmers’ income) को बढ़ाएगा, बल्कि कृषि क्षेत्र (agriculture sector) और ग्रामीण विकास (rural development) को भी नई ताकत देगा। कैबिनेट बैठक में सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए 2,07,000 करोड़ रुपये की MSP (minimum support price) को मंजूरी दी है।
इसके साथ ही, KCC योजना के लिए 15,642 करोड़ रुपये की सहायता (financial support) का प्रावधान किया गया है। आइए, इस लेख में हम आपको खरीफ फसलों (kharif crops) की MSP, ब्याज सहायता, और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (infrastructure projects) की पूरी जानकारी आसान और रोचक तरीके से बताते हैं।
खरीफ फसलों की MSP: किसानों की आय में बंपर वृद्धि Crops MSP
केंद्र सरकार ने किसानों की आय (farmers’ income) को दोगुना करने और कृषि को लाभकारी (profitable agriculture) बनाने के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों (kharif crops) की न्यूनतम समर्थन मूल्य (minimum support price) में बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।
इसके तहत कुल 2,07,000 करोड़ रुपये की राशि किसानों को MSP (MSP hike) के रूप में दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता (press conference) में बताया कि यह फैसला कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) (Commission for Agricultural Costs and Prices) की सिफारिशों पर आधारित है, जो उत्पादन लागत (production cost) पर कम से कम 50% मुनाफा (profit margin) सुनिश्चित करता है।
इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी नाइजरसीड (niger seed) में 820 रुपये प्रति क्विंटल, रागी (ragi) में 596 रुपये, कपास (cotton) में 589 रुपये, और तिल (sesame) में 579 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। सरकार का अनुमान है कि बाजरा (bajra) में किसानों को 63% लाभ, मक्का (maize) और तुअर (tur) में 59%, और उड़द (urad) में 53% तक मुनाफा (profit margin) मिलेगा। यह कदम खरीफ फसलों (kharif crops) को और आकर्षक बनाएगा और किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम (fair price) दिलाएगा।
MSP से किसानों को अब तक का लाभ
सरकार ने पिछले वर्षों में MSP (minimum support price) के जरिए किसानों को बड़ा लाभ पहुंचाया है। आंकड़ों की बात करें तो 2004 से 2014 तक धान की खरीद (paddy procurement) 4,590 लाख मीट्रिक टन थी, जिसके लिए 4.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान (MSP payment) हुआ।
वहीं, 2014 से 2024 तक धान की खरीद (paddy procurement) 7,608 लाख मीट्रिक टन रही, और 14.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सभी 14 खरीफ फसलों (kharif crops) की बात करें तो कांग्रेस शासन में 4.75 लाख करोड़ रुपये मिले, जबकि वर्तमान सरकार ने 16.35 लाख करोड़ रुपये का भुगतान (MSP payment) किया। ये आंकड़े (data comparison) दर्शाते हैं कि पिछले 10 सालों में किसानों को तीन गुना अधिक लाभ (increased benefits) मिला है।
किसान क्रेडिट कार्ड: सस्ता कर्ज, बड़ी राहत
कैबिनेट ने किसान क्रेडिट कार्ड (farmer credit card) योजना के तहत ब्याज सहायता (interest subsidy) को जारी रखने का भी फैसला किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15,642 करोड़ रुपये की मंजूरी (financial support) दी गई है। इस योजना से किसानों को सस्ती दरों पर कर्ज (affordable loan) मिलेगा, जो उनकी बागवानी (horticulture), फसल उत्पादन (crop production), और पशुपालन (animal husbandry) की जरूरतों को पूरा करेगा।
मुख्य बातें इस प्रकार हैं: 3 लाख रुपये तक का फसल ऋण (crop loan) 7% ब्याज दर (interest rate) पर उपलब्ध होगा, जिसमें 5% ब्याज सहायता (interest subsidy) सरकार देगी। अगर किसान समय पर कर्ज चुकाते हैं, तो 3% शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (prompt repayment incentive) मिलेगा, जिससे प्रभावी ब्याज दर (effective interest rate) सिर्फ 4% रह जाएगी। 2 लाख रुपये तक का ऋण जमानत मुक्त (collateral-free loan) होगा।
इसके अलावा, किसान ऋण पोर्टल (farmer loan portal) की शुरुआत की गई है, जिसमें 449 बैंक और वित्तीय संस्थान (financial institutions) पंजीकृत हैं। यह पोर्टल KCC आवेदन (KCC application) को आसान और सुविधाजनक (convenient process) बनाएगा।
खरीफ फसलों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों (kharif crops) की MSP (MSP hike) के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (infrastructure projects) को भी मंजूरी दी है।
आंध्र प्रदेश में बाडवेल-नेल्लोर हाईवे (Badvel-Nellore highway) को 4 लेन में बदला जाएगा, महाराष्ट्र में वर्धा-बल्लारशाह रेल लाइन (Wardha-Ballarshah rail line) की 4 लाइनिंग होगी, और मध्य प्रदेश में रतलाम-नागदा रेल लाइन (Ratlam-Nagda rail line) का विस्तार होगा। ये परियोजनाएं ग्रामीण विकास (rural development) और कनेक्टिविटी (improved connectivity) को बढ़ावा देंगी, जिससे किसानों और आम लोगों को फायदा होगा।
किसानों के लिए सुनहरा भविष्य
यह फैसला किसानों के लिए एक बड़ी जीत है। खरीफ फसलों (kharif crops) की MSP में बढ़ोतरी (MSP hike), KCC के तहत सस्ता कर्ज (affordable loan), और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं (infrastructure projects) कृषि क्षेत्र (agriculture sector) को नई ताकत देंगी।
सरकार का यह कदम न केवल किसानों की आय (farmers’ income) को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था (rural economy) को भी मजबूत करेगा। अगर आप किसान हैं, तो इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी फसलों को बेहतर दाम पर बेचें!













