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घना कोहरा और ठंड बढ़ने की संभावना, किसानों के लिए फसल सुरक्षा सलाह

On: दिसम्बर 23, 2025 7:44 पूर्वाह्न
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घना कोहरा और ठंड बढ़ने की संभावना, किसानों के लिए फसल सुरक्षा सलाह
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उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। आने वाले दिनों में घना कोहरा, तापमान में उतार चढ़ाव और ठंडी हवाएं फसलों पर असर डाल सकती हैं। इसी को देखते हुए कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़े कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य रबी और सब्जी फसलों को संभावित नुकसान से बचाना है।

मौसम का ताजा अपडेट और क्यों जरूरी है सतर्कता

मौसम विभाग के अनुसार पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड और बढ़ सकती है।
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में

  • सुबह और रात के समय घना कोहरा

  • दिन और रात के तापमान में अंतर

  • नमी बढ़ने से कीट और रोगों का खतरा

इन स्थितियों का सीधा असर गेहूं, सरसों, चना और सब्जी फसलों पर पड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी उत्पादन घटा सकती है।

गेहूं की फसल में सिंचाई और पोषण प्रबंधन

कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार गेहूं की बुवाई के 20 से 30 दिन बाद पहली सिंचाई बेहद अहम होती है।
यदि इस चरण में पत्तियों पर जिंक की कमी के लक्षण दिखें तो

  • पांच किलोग्राम जिंक सल्फेट

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  • सोलह किलोग्राम यूरिया

  • आठ सौ लीटर पानी

इनका घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना लाभकारी होता है।

गेहूं में खरपतवार नियंत्रण

एक साथ उगने वाले संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार उपज को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार

  • सल्फोसल्फ्यूरान और मेटासल्फ्यूरॉन मिश्रण
    या

  • मेट्रीब्यूजिन की अनुशंसित मात्रा

पहली सिंचाई के बाद सही समय पर छिड़काव करने से खरपतवार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

सरसों और राई में नत्रजन टॉप ड्रेसिंग जरूरी

सरसों और राई की फसलों में इस समय नत्रजन की टॉप ड्रेसिंग करना फायदेमंद रहता है।
यदि खेत में नमी कम हो तो हल्की सिंचाई करें।
लीफ माइनर की समस्या बढ़ने पर वैज्ञानिकों ने अनुशंसित कीटनाशकों के सीमित और संतुलित प्रयोग की सलाह दी है।

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चना फसल में कटुआ कीट से बचाव

चना उत्पादक किसानों के लिए कटुआ कीट बड़ी चुनौती बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार

  • सुबह के समय खेत में रखी सूखी घास के ढेर हटाकर

  • छिपी हुई सुंडियों को नष्ट करना
    एक सरल और प्रभावी उपाय है।
    आवश्यक होने पर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार कीटनाशक का छिड़काव किया जा सकता है।

टमाटर और मिर्च में विषाणु रोग का खतरा

ठंड और कोहरे के मौसम में टमाटर और मिर्च में विषाणु रोग तेजी से फैलता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि रोग फैलाने वाले कीटों को नियंत्रित करना सबसे जरूरी है।
इसके लिए

  • इमिडाक्लोप्रिड या डाइमिथोएट

  • प्रति लीटर पानी में तय मात्रा

का छिड़काव रोग के प्रसार को रोक सकता है।

आगे क्या करें किसान

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि

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  • मौसम पूर्वानुमान पर नियमित नजर रखें

  • अनावश्यक छिड़काव से बचें

  • केवल अनुशंसित मात्रा और समय पर दवाओं का प्रयोग करें

इससे लागत भी घटेगी और फसल की गुणवत्ता बनी रहेगी।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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