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Bhiwani News: भिवानी में बरसात व जलभराव से 55 हजार एकड़ में धान कपास और बाजरा की फसल बर्बाद

On: अगस्त 30, 2025 8:06 अपराह्न
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Bhiwani News: भिवानी में बरसात व जलभराव से 55 हजार एकड़ में धान कपास और बाजरा की फसल बर्बाद
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Bhiwani Crop Damage (भिवानी) : मानसून ने इस बार खरीफ खेती पर संकट खड़ा कर दिया है। समय से पहले आए मानसून और शुरूआती दौर में मिली अच्छी बरसात के दम पर किसानों ने विभागीय लक्ष्य 2.27 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 2.46 लाख हेक्टेयर में खरीफ बिजाई की। जिले के उत्तर पूर्वी छोर के 36 गांवों में जलभराव से 55 हजार एकड़ से भी ज्यादा में खरीफ की फसल पूरी तरह तबाह हुई है।

भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों अनुसार इस मानसूनी सीजन भिवानी जिले सिवाड़ा की ढाणी में बने घर की दहलीज पर पहुंचा पानी। अब तक 241.0 मिलीमीटर के मुकाबले 252.1 मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई है। जानिए जिले में खरीफ यानि सामान्य से 5% ज्यादा पानी बरसा फसल बिजाई की स्थिति है। इस मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा संकट का सामना जिले के उत्तर पूर्वी छोर पर बसे 36 गांवों के बाशिंदे झेल रहे हैं।

बाढ़ जैसे हालात, बीमारियां फैलीं

यहां बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। 2 माह से सिंचाई विभाग के 200 अधिकारी व कर्मचारी जलभराव पर काबू पाने को लगातार 16 घंटे काम कर रहे हैं। रिहायशी इलाकों में बीमारी फैलने लगी है।

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रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

बाढ़ ग्रस्त गांव मुंढाल, सुखपुरा, जताई, तालु, धनाना, पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, भैणी कुंगड़, खेड़ी दौलतपुर, सिवाना, अलखपुरा, बड़सी, सज्जनपुर, जीता खेड़ी, पपोसा, जमालपुर, रामूपुरा, दांग, बलियाली, सागवान, बिरण, जाटू लोहारी, बवानी खेड़ा, मंढाणा, प्रेमनगर, तिगड़ाना, मिताथल, घुसकानी, गुजरानी, चांग, सैय, खरक, कलिंगा व रिवाड़ी खेड़ा के बाशिंदों से मिलकर वहां के हाल व हालातों से रूबरू हो रही है।

फसलों का ब्योरा

कृषि विभाग से डॉ. संजय मैचू ने बताया है कि जिले के किसानों ने इस बार 34, 192 हेक्टेयर में धान की रोपाई की है। 6,866 हेक्टेयर में हरा चारा, 82, 868 हेक्टेयर में बाजरे की बिजाई की थी। 27,382 हेक्टेयर में मूंग की खेती है।

1008 हेक्टेयर में गन्ना, 45, 306 हेक्टेयर में कॉटन व 48,234 हेक्टेयर में ग्वार बीजा है। बिजाई के आंकड़ों अनुसार जिले के 80108 किसानों ने 459995.47 एकड़ में लगी फसल का ब्योरा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज करवाया है।

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कई गांवों में दूषित पानी हो रहा सप्लाई

कुछ गांवों में जलभराव के कारण दूषित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। चांग, सिवाड़ा, कुंगड़, बवानी खेड़ा, सागवान व बीरण के अनेक घरों में जलभराव का पानी दहलीज लांघे हुआ है। गांवों में हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। श्मशान घाट, जलघर व स्कूल तक डूबे हुए हैं। मंढाणा गांव के हालात तो इस कदर बिगड़े हुए हैं कि यहां श्मशान घाट में 4 फीट तक पानी भरा है। अगर कोई अनहोनी घटती है तो संस्कार के लिए भी जगह नहीं है।

16 घंटे 200 कर्मी ड्रेनों व नहरों पर दे रहे ड्यूटी

एसडीओ सत्यवान अत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग के मैकेनिकल विंग से 200 अधिकारी व कर्मचारी 2 माह से 16-16 घंटे ड्रेनों व नहरों पर ड्यूटी दे रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर बरसात होते ही आबादी वाले क्षेत्रों ने निकासी में टीम तुरंत काम कर रही है। खेतों से निकासी के लिए भी प्रबंधों में सुधार लाए हैं। मगर बरसात सारी मेहनत पर पानी फेर रही है।

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विभाग ने जलभराव वाले गांवों व उनके खेतों से पानी की निकासी के लिए अस्थाई 126 बिजली मोटर और इंजन पंपसैट तथा स्थाई 127 बीटी पंपसेट लगा रखे हैं। इनमें अस्थाई बिजली और इंजन से चलने वाले संसाधनों से प्रति सेकंड़ औसतन 360 क्यूसेक पानी की निकासी कर रहे हैं। तो वहीं छोटी ड्रेनों बड़ी ड्रेनों और नहरों में 920 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड लिफ्टिंग कर रहे हैं।

अगली बारिश बड़ा नुकसान देगी

जिले की ड्रेनों की क्षमता 20 क्यूसेक से 300 क्यूसेक पानी निकासी की है। लगातार हुई अच्छी बरसात व ड्रेनों में पीछे से आ रहे पानी ने ड्रेनों को अंदर ही अंदर आंटना शुरू कर दिया है। ड्रेनों के सर्विस रोड व बर्म पूरी तरह से धंस चुके हैं। ऐसे में खेतों से ट्रेनों में हो रही निकासी से ड्रेने पूरी तरह से ओवरफ्लो हैं। बरसात के साथ ड्रेनों में पानी बढ़ रहा है, जबकि ड्रेनों की क्षमता घट रही है। अब एक अच्छी बरसात बड़े
नुकसान की ओर ले जाएगी।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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