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Cauliflower farming: फूलगोभी की खेती से मोटी कमाई! सितंबर में रोपाई का सही समय, इन टिप्स से होगी बंपर पैदावार!

On: September 5, 2025 7:51 PM
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Cauliflower farming: फूलगोभी की खेती से मोटी कमाई! सितंबर में रोपाई का सही समय, इन टिप्स से होगी बंपर पैदावार!
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Cauliflower farming, करनाल। हरियाणा प्रदेश में फूलगोभी खेती करने के लिए पांच अलग-अलग तरह के मौसम उपयुक्त माने गए हैं। इनमें अगेती वर्ग मध्यम वर्ग और पछेती वर्ग की फूलगोभी लगा सकते हैं। अभी सितंबर महीने में मध्यम किस्मों की फूलगोभी की बुवाई का समय है। इसके बाद 15 अक्टूबर तक पौधों की रोपाई से अच्छा उत्पादन ले सकेंगे। 25 से 30 दिन में पौध तैयार हो जाती हैं। फूल गोभी के प्रत्येक वर्ग की शंकर किस्में भिन्न-भिन्न हैं। इन सभी किस्मों की पौध की रोपाई सितंबर के अंतिम सप्ताह तक की जा सकती है।

रोपाई का सही समय और तरीका

डॉ. सुरेश कुमार अरोड़ा, सब्जी सलाहकार महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल ने बताया कि फूलगोभी का अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए सब्जी विशेषज्ञों की सलाह अनुसार ही बीज की बिजाई एवं रोपाई उचित समय पर और सही वातावरण में करनी चाहिए। ध्यान रखें कि फूलगोभी की पौध की रोपाई डोलियों पर दोपहर बाद 3 बजे से लेकर शाम के 6 से 7 बजे तक कर सकते हैं।

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पौध तैयार करने और रोपाई का तरीका

हरे प्लास्टिक के जाल का प्रयोग करें लगभग 50 से 60 ग्राम बीज मात्रा एक एकड़ लिए पर्याप्त होती है। ध्यान रहे तेज धूप से पौध की भूमि में फूलगोभी की पौध की रोपाई करने के सुरक्षा प्रदान करने के लिए पौधशाला को हरे रंग के छायादार प्लास्टिक के जाल से ढक दें।

पौध की रोपाई विधिः पौध की आयु 25 से फूलगोभी की कैरोटीना संकर प्रजाति रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें पौध की रोपाई के तुरंत बाद डोलियों के बीच बनी नालियों में सिंचाई करनी चाहिए, ताकि रात के समय पानी की नमी आसानी से पौधों की जड़ों तक पहुंच जाए। बारिश के मौसम में नमी की स्थिति एवं वातावरण को देखते हुए दूसरा और तीसरा पानी दें।

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30 दिन हो जाने पर ही रोपाई करें। पौध को रोपाई के लिए तैयार की गई डोलियों पर लगाया जाता है। डोली से डोली का अंतर 60 से 65 सेमी. और पौधे से पौधे की दूरी 45 से 50 सेंटीमीटर रखनी जरूरी है।

50 से 60 ग्राम बीज प्रति एकड़ डालें, फसल को तेज धूप से बचाना जरूरी

उचित संकर किस्मों का चुनाव जरूरी: गलत संकर प्रजातियों के चुनाव फूलगोभी में या तो ही निकलते हैं या छोटे-छोटे आकार के अधूरे अविकसित फूलगोभी के फूल निकलते हैं।

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मिड सेगमेंट की संकर प्रजातियां : वेलेंटीना, कैरोटीना, पॉडरेट, नलिनी, रागिनी, मायूरी, सुहासिनी, स्नो व्हाइट, गिरिजा।

मिड लेट वर्ग की फूलगोभी की संकर किस्में: माही, फूलगोभी नंबर 106, फूलगोभी। नंबर 1024, बिशप, फूलगोभी नंबर 256, फूलगोभी नंबर 1522, कैस्पर आदि मुख्य किस्में हैं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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