Subsidy on agricultural equipment, apply by April 28: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खेती को आसान और लाभकारी बनाने वाली एक शानदार खबर है। मध्यप्रदेश सरकार ने रोटावेटर, पावर टिलर, सीड ड्रिल जैसे 8 आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50% तक की सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान 28 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन लॉटरी के जरिए होगा। यह पहल न केवल खेती को तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगी, बल्कि किसानों की मेहनत और लागत को भी कम करेगी। आइए, इस योजना की पूरी जानकारी जानते हैं।
खेती को आधुनिक बनाने की पहल Subsidy on agricultural equipment
मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि किसान परंपरागत खेती को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। इसके लिए सरकार ने ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना शुरू की है, जिसमें रोटावेटर, पावर टिलर, सुपर सीडर, रीपर, मल्चर, थ्रेशर, स्प्रेयर, और सीड ड्रिल जैसे यंत्रों पर 50% तक की सब्सिडी दी जाएगी। ये यंत्र न केवल समय और मेहनत बचाते हैं, बल्कि फसल की पैदावार बढ़ाने में भी मदद करते हैं। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
पहले इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 16 अप्रैल 2025 थी, और 17 अप्रैल को लॉटरी के जरिए चयन होना था। लेकिन सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाकर 28 अप्रैल 2025 कर दी है। अब किसान इस तारीख तक ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी आवेदनों की जांच के बाद 29 अप्रैल 2025 को लॉटरी के माध्यम से पात्र किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को ही यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
कितनी और कैसे मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के तहत सब्सिडी किसानों की श्रेणी के आधार पर दी जाएगी। महिला किसानों और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग के किसानों को प्राथमिकता मिलेगी। अधिकतम 50% तक की सब्सिडी उपलब्ध होगी। किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर सब्सिडी कैलकुलेटर का उपयोग करके यह जान सकते हैं कि उन्हें किस यंत्र पर कितना अनुदान मिलेगा। आवेदन के लिए एक निश्चित डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना होगा, जो सहायक कृषि यंत्री के नाम पर होना चाहिए। बिना DD के आवेदन मान्य नहीं होगा।
पात्रता और जरूरी शर्तें
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदक के पास अपना ट्रैक्टर होना जरूरी है। पिछले 5 साल में इस तरह की किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। आवेदन के 7 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। अगर आवेदन रद्द होता है, तो 6 महीने तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकता। यंत्र की खरीद चयनित डीलर से ही करनी होगी, और भुगतान केवल बैंक ड्राफ्ट, चेक, या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए मान्य होगा।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे: आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक का पहला पेज, जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए), बी-1 की प्रति (खसरा/खतौनी), और बिजली कनेक्शन का प्रमाण पत्र (सिंचाई यंत्र के लिए)। इन दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद ही अनुदान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किसानों के लिए सुझाव
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले पोर्टल पर उपलब्ध नियम और शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें। डिमांड ड्राफ्ट और दस्तावेज समय पर तैयार रखें। लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी, इसलिए सही जानकारी के साथ आवेदन करें। यंत्र खरीदने से पहले डीलर की विश्वसनीयता और यंत्र की गुणवत्ता की जांच करें। किसी भी समस्या के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करें। यह सीमित समय का अवसर है, इसलिए 28 अप्रैल तक आवेदन जरूर करें।
किसानों का उज्ज्वल भविष्य
मध्यप्रदेश सरकार की यह योजना किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। रोटावेटर, सीड ड्रिल जैसे यंत्रों की मदद से किसान कम मेहनत में ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे। यह योजना न केवल उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।













