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Fire in fields: खेतों में लगी आग को लेकर सरकार सतर्क, डीसी को पत्र, भीगे अनाज के लिए 2% नमी छूट

On: अप्रैल 21, 2025 9:31 पूर्वाह्न
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Fire in fields: खेतों में लगी आग को लेकर सरकार सतर्क, डीसी को पत्र, भीगे अनाज के लिए 2% नमी छूट
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Government is alert about the fire in fields, letter to DC: हरियाणा के किसानों पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ गेहूं की कटाई के दौरान आठ जिलों में 900 एकड़ फसल आग की भेंट चढ़ गई, तो दूसरी तरफ बारिश ने मंडियों में खुले अनाज को भीगोकर नुकसान पहुंचाया। सरकार ने इस संकट को गंभीरता से लिया है और सभी जिला उपायुक्तों (डीसी) को पत्र भेजकर अग्नि सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कृषि विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, लेकिन किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

आग ने मचाया कहर fire in fields

शुक्रवार रात को झज्जर, कुरुक्षेत्र, जींद, यमुनानगर, हिसार, सिरसा, भिवानी, और फतेहाबाद जिलों में आंधी के कारण बिजली के तारों में शॉर्ट-सर्किट से खेतों में भीषण आग लग गई। इस आग ने 900 एकड़ गेहूं की फसल को राख कर दिया। झज्जर में 200 एकड़ और कुरुक्षेत्र में 57 एकड़ फसल का नुकसान सबसे ज्यादा हुआ। कई जगहों पर पशु भी आग की चपेट में आकर मर गए। इस त्रासदी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गुस्साए किसानों ने झज्जर मफसल में सड़क जाम कर मुआवजे की मांग की, जिससे उनकी पीड़ा और आक्रोश साफ झलक रहा है।

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सरकार का एक्शन प्लान

हरियाणा सरकार ने इस संकट को देखते हुए तुरंत कदम उठाए हैं। सभी डीसी को पत्र भेजकर गर्मी और कटाई के मौसम में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा उपायों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। गेहूं कटाई के मौसम तक हर शुक्रवार को डीसी को आग की घटनाओं और सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट सौंपनी होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कृषि विभाग को आग की घटनाओं के समय, स्थान, और कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, सरकार मंडियों में भीगे अनाज के लिए 2% नमी छूट देने पर विचार कर रही है, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।

मंडियों में भी मुश्किलें

आग की घटनाओं के साथ-साथ मंडियों में बारिश ने भी किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। खुले में रखा अनाज भीगने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ा है। मंडियों में अनाज का उठान धीमा होने और अपर्याप्त इंतजामों ने किसानों का गुस्सा और बढ़ाया है। विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत और लागत का नुकसान होने के बाद भी सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है।

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किसानों के लिए क्या करें?

इस संकट के बीच किसानों को कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। खेतों में बिजली के तारों की नियमित जांच करें और शॉर्ट-सर्किट से बचाव के लिए स्थानीय बिजली विभाग से संपर्क करें। कटाई के दौरान आग बुझाने के उपकरण जैसे पानी के टैंकर और रेत की व्यवस्था रखें। मंडियों में अनाज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल का उपयोग करें। अगर आपका अनाज भीग गया है या फसल को नुकसान हुआ है, तो तुरंत स्थानीय कृषि विभाग या जिला प्रशासन से संपर्क करें। इसके अलावा, फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए अपनी पॉलिसी की स्थिति जांच लें।

समाज और सरकार की जिम्मेदारी

यह समय हरियाणा के किसानों के साथ एकजुटता दिखाने का है। सरकार को मुआवजे और राहत पैकेज की प्रक्रिया को तेज करना होगा, ताकि किसानों को समय पर मदद मिल सके। साथ ही, समाज को भी जागरूक होकर खेतों और मंडियों में सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देना चाहिए। अगर आप इस संकट से प्रभावित हैं या अपने क्षेत्र में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देना चाहते हैं, तो स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। आइए, मिलकर किसानों की मेहनत को बर्बाद होने से बचाएं।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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