हांसी (Radha Rani Buffalo). हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में हांसी क्षेत्र का डंका बजा है। यहां हांसी उपमंडल के गांव सिंघवा खास के प्रगतिशील पशुपालक ईश्वर सिंघवा की मुर्रा नस्ल की भैंस ‘राधा रानी’ ने वह करिश्मा कर दिखाया, जो आज तक प्रदेश का कोई पशु नहीं कर सका। राधा रानी ने मेले में ‘मिल्क ब्यूटी’ (दुग्ध सौंदर्य) और ‘ब्रीड चैंपियन’ (नस्ल विजेता) दोनों श्रेणियों में प्रथम स्थान हासिल कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वयं मंच पर आकर ईश्वर सिंघवा को सम्मानित किया। सीएम ने उन्हें 3 लाख 1 हजार रुपये का चेक प्रदान किया और राधा रानी की पीठ थपथपाई। जजों की कमेटी ने राधा रानी को न केवल उसके दूध उत्पादन क्षमता के लिए, बल्कि उसकी शारीरिक बनावट, सींगों की गोलाई, त्वचा की चमक और संपूर्ण स्वास्थ्य के कड़े मानकों पर भी सर्वश्रेष्ठ पाया। मुख्यमंत्री के सामने हुए रैंप वॉक में भी राधा रानी ने अपनी चाल और कद-काठी से सबका मन मोह लिया।
मुर्रा नस्ल के लिए क्यों खास है यह जीत?
हरियाणा को ‘मुर्रा’ भैंसों का घर कहा जाता है, जिसे हम प्यार से ‘काला सोना’ कहते हैं। राधा रानी की यह जीत हांसी और हिसार बेल्ट के पशुपालकों के लिए एक बड़ा संदेश है। ईश्वर सिंघवा ने साबित किया है कि केवल दूध बढ़ाना ही नहीं, बल्कि नस्ल सुधार (Breed Improvement) और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन भी मुनाफे का सौदा है। उन्होंने बताया कि राधा रानी की सफलता के पीछे संतुलित आहार और अनुशासित देखरेख का हाथ है।
गांव सिंघवा खास पहुंचने पर ग्रामीणों ने ईश्वर और उनकी चैंपियन भैंस का जोरदार स्वागत किया। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि यह जीत आसपास के युवाओं को खेती और पशुपालन से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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