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Haryana CCHFE Scheme: बागवानी–मत्स्य विभाग के कर्मचारियों को सौगात, कैशलेस हेल्थ सुविधाएं

On: November 23, 2025 8:19 AM
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Haryana CCHFE Scheme: बागवानी–मत्स्य विभाग के कर्मचारियों को सौगात, कैशलेस हेल्थ सुविधाएं
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Haryana CCHFE Scheme: चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने बागवानी और मत्स्य विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब इन दोनों विभागों के रेगुलर कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को व्यापक कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा (CCHFE) योजना का लाभ मिलेगा। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को बिना पैसे दिए इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

योजना की शुरुआत और अधिसूचना जारी Haryana CCHFE Scheme

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह कैशलैस स्वास्थ्य योजना 1 नवंबर 2023 को सफलतापूर्वक लॉन्च की गई थी। इसके तहत सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश भेजे गए हैं कि वे योजना के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें।

अधिसूचना में बताया गया है कि डीजीएचएस के पैनल में शामिल 447 अस्पतालों को पहले ही HEM 2.0 पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है।

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अन्य अस्पतालों को दिए निर्देश

डीजी कार्यालय के पैनल में शामिल बाकी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे hospitals.pmjay.gov.in पर जाकर
पैनल प्रकार → “योजना विकल्प CCHFE”
चुनें और योजना में शामिल होने के लिए आवेदन भेजें।

अस्पतालों की शामिल करने की जिम्मेदारी
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि

अस्पताल को CCHFE योजना में शामिल करने का केवल एक मानदंड है—वह डीजी कार्यालय के पैनल में शामिल हो।

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SHA किसी भी अस्पताल को अलग से पैनल में नहीं जोड़ेगा।

इसलिए सभी सिविल सर्जनों से अनुरोध किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि शेष अस्पताल अपना आवेदन समय पर जमा करें, ताकि पात्र कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित अधिकतम लाभ उठा सकें।

लाभार्थियों का इलाज सुनिश्चित करना होगा

सभी सिविल सर्जनों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि
सभी पात्र लाभार्थियों का उपचार इसी योजना के तहत कराया जाए, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार कैशलेस मेडिकल सुविधाओं का निरंतर लाभ लेते रहें।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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