Haryana farmers: हरियाणा में बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने में देरी होगी. सरकार ने गिरदावरी जांच में गड़बड़ी मिलने पर दोबारा क्रॉस जांच शुरू की है. हरियाणा किसानों compensation.
हरियाणा में बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा पाने के लिए और इंतजार क्यों करना होगा Haryana farmers
सरकार ने बताई देरी की बड़ी वजह
गिरदावरी में गड़बड़ी के बाद दोबारा जांच शुरू
हरियाणा में हाल की बाढ़ और भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा पाने का इंतजार कर रहे किसानों की उम्मीदों को अभी थोड़ी और देरी झेलनी पड़ेगी. जानकारी के मुताबिक, कुछ जिलों से आई गिरदावरी रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं, जिसके बाद सरकार ने दोबारा जांच के आदेश जारी किए हैं.
सोमवार तक मांगी गई नई रिपोर्ट
मुख्यालय ने संबंधित जिलों से सोमवार तक क्रॉस जांच की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है. इसी रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि किसानों को मुआवजा कब और कैसे दिया जाएगा. हरियाणा राजस्व और आपदा विभाग ने फतेहाबाद समेत दो से तीन जिलों के रैंडम डेटा की जांच में पाया कि बुवाई से भी ज्यादा क्षेत्र में फसल नुकसान दर्ज किया गया है. ऐसे अंतर सामने आने के बाद पूरे मामले की दोबारा से जांच जरूरी मानी गई.
गलती मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई
मुख्यालय ने जिलों को साफ निर्देश दिया है कि अगली बार रिपोर्टिंग में कोई गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर दोबारा जांच में भी इसी तरह की त्रुटियां सामने आईं, तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई तय है.
नुकसान का बड़ा आंकलन और नई रिपोर्ट का इंतजार
हाल ही में अंतिम गिरदावरी और सत्यापन कार्य में करीब 11 लाख एकड़ क्षेत्र में फसल नुकसान का अनुमान लगाया गया था. इस नुकसान की भरपाई के लिए 600 से 800 करोड़ रुपये की जरूरत का आंकलन सामने आया था. लेकिन अब दोबारा जांच से ही असली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
हरियाणा भू रिकॉर्ड के महानिदेशक डॉ यशपाल ने बताया कि सोमवार तक क्रॉस जांच की रिपोर्ट मांगी गई है. यह पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और इसी के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की अंतिम प्रक्रिया तय की जाएगी.











