ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

किसान जीवन सुरक्षा योजना: उंगली कटने से लेकर अपंगता तक, सीधे बैंक खाते में आएगा मुआवजा

On: मार्च 8, 2026 1:42 अपराह्न
Follow Us:
किसान जीवन सुरक्षा योजना: उंगली कटने से लेकर अपंगता तक, सीधे बैंक खाते में आएगा मुआवजा
Join WhatsApp Group

चंडीगढ़ मुख्यालय से हरियाणा के किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने ‘मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना’ के तहत मुआवजा नियमों में भारी बदलाव किया है। रोहतक, हिसार और सिरसा जैसे कृषि प्रधान जिलों में अब खेत या अनाज मंडी में काम करते हुए हादसे का शिकार होने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये तक की सीधी आर्थिक मदद मिलेगी।

पहले इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए उम्र की सख्त पाबंदी होती थी। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड ने अब इस आयु सीमा की बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। नए नियमों के तहत अब 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे या 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी इस योजना के दायरे में आ गए हैं। इससे खेत में काम करने वाले पूरे परिवार को एक बड़ा और पक्का सुरक्षा कवच मिल गया है।

मौत और अपंगता पर मिलेगी इतनी आर्थिक मदद

खेती-बाड़ी का काम जोखिम भरा होता है और अक्सर थ्रेशर या ट्रैक्टर से बड़े हादसे हो जाते हैं। सरकार ने तय किया है कि कृषि कार्य या मंडी में काम के दौरान किसी किसान या मजदूर की मृत्यु होने पर सीधे 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में रीढ़ की हड्डी टूटने या स्थायी अपंगता होने पर पीड़ित को 2 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा।

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

सरकार ने अंगभंग होने की स्थिति में भी अलग-अलग राहत राशि तय की है। दो अंग कटने पर 1 लाख 87 हजार 500 रुपये और एक अंग कटने पर 1 लाख 25 हजार रुपये की मदद मिलेगी। मशीन की चपेट में आने से चारों उंगलियां कटने पर सवा लाख रुपये, पूरी उंगली कटने पर 75 हजार रुपये और उंगली का कुछ हिस्सा कटने पर 37 हजार 500 रुपये सीधे पीड़ित के खाते में भेजे जाएंगे।

60 दिन के भीतर आवेदन करना है बेहद जरूरी

इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय सीमा का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। पीड़ित किसान या उसके परिवार को दुर्घटना होने के ठीक 60 दिन के भीतर मुआवजे के लिए आवेदन करना होगा। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद फाइल जमा करने पर सरकार इस योजना के तहत किसी भी दावे को स्वीकार नहीं करेगी।

आवेदन की प्रक्रिया को विभाग ने बेहद आसान और पारदर्शी बनाया है। पीड़ित परिवार हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा अपने इलाके के मार्केट कमेटी सचिव के दफ्तर में जाकर भी सीधे कागजी कार्रवाई पूरी की जा सकती है।

हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार | haryana-dsr-scheme-2026-paddy-alternative-crops-incentive-plan
हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार

मुआवजे के लिए तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज

सरकारी मदद का पैसा सीधे बैंक खाते में लेने के लिए कुछ अहम कागजातों की जरूरत पड़ेगी। आवेदक के पास हरियाणा का परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) और आधार कार्ड होना एकदम अनिवार्य है। हादसे की प्रामाणिकता साबित करने के लिए पुलिस रिपोर्ट और अस्पताल की मेडिकल या पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी फाइल के साथ लगानी होगी। बैंक पासबुक की साफ कॉपी देने से सहायता राशि बिना किसी देरी के सीधे खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।

गन्ना किसानों के लिए गुड न्यूज! नई तकनीक और सीओ-15023 बीज पर मिलेगी बंपर सरकारी मदद

हरियाणा कृषि की खबरों , ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment