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हरियाणा में किसानों की जमीन पर बिजली टावर लगने पर अब मिलेगा 200% मुआवजा, नई पॉलिसी जारी

On: February 7, 2026 9:26 AM
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हरियाणा में किसानों की जमीन पर बिजली टावर लगने पर अब मिलेगा 200% मुआवजा, नई पॉलिसी जारी
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसानों की एक लंबी मांग को पूरा करते हुए हाई टेंशन बिजली लाइनों के लिए मुआवजा नीति में बड़ा बदलाव किया है। अक्सर देखने में आता था कि खेतों के बीच से गुजरने वाली बड़ी लाइनों (66 kV या अधिक) के कारण जमीन की मार्केट वैल्यू गिर जाती थी और किसान इसका विरोध करते थे। इस समस्या को हल करते हुए ऊर्जा विभाग ने अब मुआवजे की राशि को बढ़ाकर दोगुना तक कर दिया है।

टावर के लिए जमीन देने पर मिलेगी दोगुनी राशि

सरकार द्वारा जारी 30 जनवरी के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब जिस भी किसान के खेत में बिजली का टावर लगेगा, उसे टावर के बेस एरिया और उसके चारों तरफ एक-एक मीटर अतिरिक्त जमीन का मुआवजा कलेक्टर रेट का 200 प्रतिशत दिया जाएगा।

यह पुरानी व्यवस्था के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे जींद, हिसार और फतेहाबाद जैसे जिलों में जहां नई लाइनें बिछाई जा रही हैं, वहां के किसानों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।

ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग स्लैब

सिर्फ टावर ही नहीं, बल्कि जिन खेतों के ऊपर से केवल तार (ट्रांसमिशन लाइन) गुजरेंगे, उन्हें भी ‘राइट ऑफ वे’ (Right of Way) के तहत मुआवजा मिलेगा। सरकार ने इसके लिए क्षेत्रवार केटेगिरी बनाई है।

ग्रामीण इलाकों में जमीन के बाजार भाव का 30 प्रतिशत, नगर निगम या मेट्रो क्षेत्र (जैसे गुरुग्राम-फरीदाबाद) में 60 प्रतिशत और अन्य शहरी क्षेत्रों में 45 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।

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पटवारी की रिपोर्ट पर सीधे खाते में आएगा पैसा

किसानों को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। फसल के नुकसान का आकलन संबंधित हल्का पटवारी या राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर करेंगे। अधिकारी को फसल का प्रकार, अनुमानित उपज और बाजार भाव का सर्टिफिकेट देना होगा।

एक बार रिपोर्ट सबमिट होने के बाद, मुआवजे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यह नियम हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सहित सभी एजेंसियों पर लागू होगा।

FAQ (सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न: यह नई मुआवजा नीति किन बिजली लाइनों पर लागू होगी?

उत्तर: यह नीति केवल 66 kV (किलोवॉट) या उससे अधिक क्षमता की हाई टेंशन इन्ट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों और टावरों पर लागू होगी।

प्रश्न: टावर लगने पर मुझे कितना पैसा मिलेगा?

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उत्तर: टावर के आधार (बेस) और उसके चारों ओर 1 मीटर अतिरिक्त भूमि के लिए कलेक्टर रेट का 200 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा।

प्रश्न: अगर मेरे खेत से सिर्फ तार गुजर रहे हैं, टावर नहीं है, तो क्या मिलेगा?

उत्तर: हाँ, ग्रामीण क्षेत्र में जमीन की कीमत का 30%, शहरी क्षेत्र में 45% और मेट्रो/निगम क्षेत्र में 60% मुआवजा मिलेगा।

प्रश्न: फसल खराब होने का पैसा कब मिलेगा?

उत्तर: पटवारी द्वारा नुकसान का सत्यापन (Verification) करने के बाद फसल क्षति का पैसा अलग से आपके बैंक खाते में भेजा जाएगा।

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Haryana Kisan News में पढ़ें हरियाणा के किसानों से जुड़ी हर अहम और ज़मीनी खबर। यहां खेती-किसानी, सरकारी योजनाएं, फसल भाव, मौसम अपडेट और कृषि नीतियों से जुड़ी सटीक व ताज़ा जानकारी मिलती है। हरियाणा के किसानों के लिए भरोसेमंद खबरों और अपडेट के लिए Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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