Haryana Rabi Procurement: Haryana Rabi Procurement 2025: Great achievement, Sirsa tops in wheat and Bhiwani in mustard!: हरियाणा के किसानों के लिए रबी विपणन सीजन 2025-26 (Haryana Rabi Procurement) एक शानदार उपलब्धि लेकर आया है।
राज्य के 22 जिलों में गेहूं और सरसों की खरीद (wheat procurement, mustard procurement) और उठान (crop lifting) का कार्य जोर-शोर से पूरा हुआ है। सिरसा जिला गेहूं खरीद में पहले स्थान पर रहा, जबकि भिवानी ने सरसों खरीद में बाजी मारी। इस सीजन में 98% से अधिक गेहूं और सरसों का उठान हुआ, जिससे लाखों किसानों के खातों में राशि जमा हुई और उन्हें सीधा लाभ (farmer benefits) मिला।
यह उपलब्धि न केवल हरियाणा की कृषि व्यवस्था की ताकत दर्शाती है, बल्कि किसानों की मेहनत और सरकारी प्रयासों के तालमेल को भी रेखांकित करती है। आइए इस रबी सीजन की सफलता की पूरी कहानी जानें।
हरियाणा रबी खरीद 2025: सिरसा और भिवानी की उपलब्धियां Haryana Rabi Procurement
रबी विपणन सीजन 2025-26 में हरियाणा ने गेहूं और सरसों की खरीद (wheat procurement, mustard procurement) में शानदार प्रदर्शन किया है। सिरसा जिला गेहूं खरीद में सबसे आगे रहा, जहां खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग, हैफेड, और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 851,132.60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा।
इस जिले में 839,938.95 मीट्रिक टन गेहूं का उठान (crop lifting) हुआ, जो 98.68% है। इससे 50,326 किसानों को सीधा लाभ (farmer benefits) मिला। दूसरी ओर, भिवानी जिले ने सरसों खरीद में शीर्ष स्थान हासिल किया। यहां हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 236,908.98 मीट्रिक टन सरसों खरीदी, जिसमें 226,914.62 मीट्रिक टन का उठान (95.78%) हुआ। इससे 63,542 किसानों के खातों में राशि जमा हुई।
सरसों खरीद में भिवानी का दबदबा
भिवानी जिला सरसों खरीद (mustard procurement) में हरियाणा का सिरमौर बनकर उभरा है। इस जिले में मंडियों में कुल 236,908.98 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हुई, जिसमें से 95.78% का उठान (crop lifting) पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि न केवल भिवानी के किसानों की मेहनत को दर्शाती है, बल्कि सरकारी एजेंसियों की तत्परता को भी उजागर करती है।
हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की सक्रियता ने सुनिश्चित किया कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम (fair price) समय पर मिले। इस प्रक्रिया से 63,542 किसानों को आर्थिक लाभ (farmer benefits) हुआ, जिससे उनकी आजीविका को बल मिला।
सिरसा: गेहूं खरीद का चैंपियन
सिरसा जिले ने गेहूं खरीद (wheat procurement) में हरियाणा को गौरवान्वित किया है। इस जिले में 851,132.60 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जिसमें से 98.68% का उठान (crop lifting) पूरा हो चुका है। यह आंकड़ा सिरसा के किसानों और सरकारी एजेंसियों की मेहनत का प्रतीक है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग और अन्य एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि गेहूं की खरीद और उठान की प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी (transparent process) रहे। इस प्रक्रिया से 50,326 किसानों के खातों में राशि जमा हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति (economic stability) मजबूत हुई।
राज्यव्यापी खरीद और उठान
हरियाणा में इस रबी सीजन में मंडियों में कुल 7,520,312.48 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई, जिसमें से पूरी मात्रा की खरीद (wheat procurement) की गई।
राज्य में 7,435,720.16 मीट्रिक टन गेहूं का उठान (crop lifting) हुआ, जो 98.88% है। इसी तरह, 816,157.68 मीट्रिक टन सरसों की आवक में से 778,737.77 मीट्रिक टन की खरीद हुई, और 98.59% का उठान पूरा हुआ। इस प्रक्रिया से कुल 469,830 गेहूं किसानों और 259,388 सरसों किसानों को लाभ (farmer benefits) मिला। यह आंकड़े हरियाणा की कृषि व्यवस्था (agriculture system) और सरकारी नीतियों की सफलता को दर्शाते हैं।
किसानों के लिए आर्थिक लाभ
हरियाणा रबी खरीद 2025 (Haryana Rabi Procurement) ने लाखों किसानों को आर्थिक राहत (economic relief) प्रदान की है। गेहूं और सरसों की खरीद के बाद 98% से अधिक उठान (crop lifting) ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर मिले।
केंद्र के लिए 7,313,389.78 मीट्रिक टन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (public distribution system) के लिए 206,922.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। इस प्रक्रिया ने न केवल किसानों की आय (farmer income) बढ़ाई, बल्कि खाद्य सुरक्षा (food security) को भी मजबूत किया। किसानों के खातों में सीधे राशि जमा होने से उनकी आर्थिक स्थिरता (economic stability) में सुधार हुआ।
सरकारी एजेंसियों की भूमिका
हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, और खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस रबी सीजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन एजेंसियों ने खरीद और उठान की प्रक्रिया को पारदर्शी (transparent process) और कुशल बनाया। मंडियों में सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान (timely payment) ने किसानों का भरोसा जीता। यह प्रयास हरियाणा सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों (farmer-centric policies) और कृषि विकास (agricultural development) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन एजेंसियों की सक्रियता ने हरियाणा को रबी खरीद में देश में अग्रणी बनाया।
किसानों और समाज के लिए संदेश
हरियाणा रबी खरीद 2025 (Haryana Rabi Procurement) की सफलता हरियाणा के किसानों के लिए गर्व का विषय है। सिरसा और भिवानी जैसे जिलों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि मेहनत और सही नीतियों का तालमेल क्या कमाल कर सकता है।
किसानों को सलाह है कि वे भविष्य के सीजन में भी मंडियों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। अगर आप हरियाणा में किसान हैं या कृषि से जुड़े हैं, तो इस खबर पर नजर रखें। यह सफलता न केवल आर्थिक लाभ (farmer benefits) की कहानी है, बल्कि हरियाणा की कृषि शक्ति (agricultural strength) का भी प्रतीक है।













