हरियाणा सरकार एससी वर्ग के किसानों को 45 हॉर्स पावर से बड़े ट्रैक्टर पर 3 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। 15 जनवरी तक मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर आवेदन करें।
चंडीगढ़. हरियाणा के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। अगर आप भी खेती के लिए नया ट्रैक्टर खरीदने का सपना देख रहे हैं तो सरकार आपके इस सपने को पूरा करने में मदद कर रही है।
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2025 और 2026 के लिए ट्रैक्टर अनुदान योजना के दरवाजे खोल दिए हैं। इस योजना के तहत सरकार किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए सीधे 3 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि आवेदन करने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
कल तक ही कर सकते हैं आवेदन
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तारीख 15 जनवरी है। इसका मतलब है कि इच्छुक किसानों के पास आवेदन करने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे शेष हैं। अगर आप इस मौके से चूक गए तो आपको अगले साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि अंतिम समय में पोर्टल पर लोड बढ़ने से बचने के लिए किसान भाई तुरंत आवेदन कर दें।
कितनी मिलेगी सब्सिडी और क्या है शर्त
सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना है। इसलिए 45 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर की खरीद पर यह सब्सिडी दी जा रही है।
सरकार की तरफ से 3 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इससे छोटे किसानों पर कर्ज का बोझ कम होगा और वे आधुनिक मशीनों से खेती कर सकेंगे।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ
इस योजना के लिए सरकार ने कुछ पात्रता नियम तय किए हैं ताकि सही व्यक्ति तक लाभ पहुंचे।
रजिस्ट्रेशन: किसान का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर होना अनिवार्य है।
जमीन: किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। यह जमीन परिवार पहचान पत्र यानी फैमिली आईडी में शामिल किसी भी सदस्य के नाम पर हो सकती है।
निवासी: आवेदक हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए।
पिछला रिकॉर्ड: किसान ने पिछले 5 वर्षों में सरकार की किसी भी योजना के तहत ट्रैक्टर पर सब्सिडी का लाभ न लिया हो।
लॉटरी सिस्टम से होगा चयन
चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए सरकार ने ऑनलाइन ड्रॉ सिस्टम अपनाया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर जिले में उपायुक्त यानी डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी लॉटरी निकालेगी। जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की देखरेख में चयनित किसानों की सूची जारी की जाएगी। इससे भाई भतीजावाद की संभावना खत्म हो जाएगी और हर पात्र किसान को बराबर मौका मिलेगा।
खरीद की प्रक्रिया और नियम
लॉटरी में नाम आने के बाद किसान को 15 दिनों का समय दिया जाएगा। इस दौरान किसान कृषि विभाग द्वारा अधिकृत निर्माताओं और डीलरों के पास जाकर अपनी पसंद का ट्रैक्टर मॉडल चुन सकते हैं और मोल भाव कर सकते हैं। अगर चयनित किसान 15 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो वेटिंग लिस्ट वाले किसान को मौका दे दिया जाएगा। खरीद के बाद विभाग के अधिकारी ट्रैक्टर का भौतिक सत्यापन करेंगे और उसके बाद सब्सिडी की राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
5 साल तक नहीं बेच सकेंगे ट्रैक्टर
योजना का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार ने एक सख्त नियम भी बनाया है। सब्सिडी पर ट्रैक्टर खरीदने वाले किसान अगले 5 साल तक उसे बेच नहीं सकते। अगर कोई किसान ऐसा करता है तो उससे सब्सिडी की राशि ब्याज सहित वापस वसूल की जा सकती है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि ट्रैक्टर का उपयोग केवल खेती के कामों में ही हो और बिचौलिए इसका फायदा न उठा सकें।
FAQ’s
प्रश्न: हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित की गई है।
प्रश्न: ट्रैक्टर खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: पात्र अनुसूचित जाति के किसानों को 45 हॉर्स पावर या उससे अधिक के ट्रैक्टर पर 3 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
प्रश्न: चयन की प्रक्रिया क्या होगी?
उत्तर: पात्र किसानों का चयन जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में ऑनलाइन लकी ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा।
प्रश्न: क्या ट्रैक्टर को तुरंत बेचा जा सकता है?
उत्तर: नहीं, सब्सिडी पर खरीदे गए ट्रैक्टर को किसान कम से कम 5 वर्षों तक नहीं बेच सकते हैं।













