Haryana Sugarcane Subsidy 2025: अगर आप गन्ना किसान हैं तो ये खबर आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। कृषि विभाग ने 2025-26 में नई किस्म CO 15023 के बीज बोने और बेचने पर जबरदस्त अनुदान देने का ऐलान किया है।
सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. बलजिंद्र सिंह ने बताया कि इस किस्म की बिजाई करने पर 5,000 रुपये प्रति एकड़, चौड़ी विधि से बुआई पर 3,000 रुपये, सिंगल बड विधि पर 3,000 रुपये, MHAT नर्सरी पर 5,000 रुपये और सबसे बड़ी बात – CO 15023 का बीज बेचने पर भी पूरे 5,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा।
गन्ने की कटाई के लिए मिनी हारवेस्टर पर 50% सब्सिडी यानी अधिकतम 1 लाख रुपये तक मिल रहे हैं। एक किसान किसी एक मद में 5 एकड़ तक का फायदा ले सकता है।
गेहूं के बीज भी सस्ते
कुरुक्षेत्र। हरियाणा बीज विकास निगम ने कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और पानीपत के सभी केंद्रों पर गेहूं के सभी किस्मों के बीज सिर्फ 1200 रुपये प्रति 40 किलो बैग के रेट पर बेचना शुरू कर दिया है। निदेशक देव कुमार शर्मा ने कहा कि किसान जल्दी से जल्दी केंद्रों पर पहुंचकर फायदा उठाएं।
फिर भी धान की रिकॉर्ड आवक?
कुरुक्षेत्र। इस बार बाढ़ और बारिश ने 80 हजार एकड़ से ज्यादा धान की फसल बर्बाद कर दी, लेकिन मंडियों में आवक पिछले साल से भी ज्यादा हो गई है। अब तक 10 लाख 653 मीट्रिक टन धान आ चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 10 लाख 29 हजार 433 मीट्रिक टन था।
100% उठान हो चुका है और किसानों को 1906 करोड़ 77 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान भी हो गया है। डीएफएससी राजेश कुमार बोले, “अब आवक लगभग खत्म हो चुकी है, एक हफ्ते में पूरी हो जाएगी।”
बाहर का धान लाकर दिखाया ज्यादा उत्पादन?
भाकियू नेता प्रिंस वड़ैच ने सवाल उठाया है कि जब 80 हजार एकड़ फसल खराब हो गई, प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक कम उत्पादन हुआ और फिजी वायरस ने भी भारी नुकसान किया, तो फिर मंडियों में इतना धान कहां से आ गया? उनका दावा है कि बाहर का धान लाकर मिलीभगत से गड़बड़ी की गई है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।












