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Natural Farming: बैंक की नौकरी छोड़ प्रदीप कमा रहे 12 लाख! प्राकृतिक खेती का जादू

On: नवम्बर 15, 2025 8:27 अपराह्न
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प्रदीप प्राकृतिक खेती कैथल - बैंक जॉब छोड़ 4 एकड़ में 12 लाख कमाने वाले किसान।
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कैथल (Natural Farming Kaithal): गांव जसवंती के प्रदीप नंबरदार ने अच्छी-खासी बैंक की नौकरी ठुकरा दी और प्राकृतिक खेती शुरू कर दी। आज सिर्फ 4 एकड़ में वे 10-12 लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं। गोबर की खाद और घर पर बने देसी कीटनाशकों से खेती करके वे धान, गेहूं और बिना-खाद बीज वाली सरसों उगा रहे हैं।

उनके काम को देखकर मुख्यमंत्री नायब सैनी (तब कुरुक्षेत्र सांसद थे) ने सम्मानित किया। हिसार कृषि विश्वविद्यालय ने भी सम्मान दिया। उनकी पत्नी नीलम भी पूरा साथ देती हैं और उन्हें हिसार के कृषि मेले में सम्मान मिल चुका है।

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सिर्फ 4 एकड़ में 12 लाख की कमाई

प्रदीप बताते हैं कि 4 एकड़ में उन्हें प्रति एकड़ 11-12 क्विंटल धान और 9-10 क्विंटल गेहूं मिल रहा है। प्राकृतिक धान 8,000-10,000 रुपये और गेहूं 9,000-10,000 रुपये क्विंटल तक बिकता है।

रासायनिक खेती से दोगुनी कीमत और आधी से भी कम लागत! सरसों का तेल निकालकर सीधे बेचते हैं, खल गाय को खिलाते हैं और बची खल खेत में डालकर जमीन को और उपजाऊ बनाते हैं।

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घर पर ही बनाते हैं देसी कीटनाशक

प्रदीप अपने खेतों में नीम, लहसुन, प्याज, आक, गोबर, गोमूत्र और कुछ जड़ी-बूटियों से कीटनाशक तैयार करते हैं। यह मिश्रण बहुत सस्ता पड़ता है और मिट्टी को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचाता। फसल पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

पत्नी नीलम बोलीं, “खेती छोड़ने की सोच रहे थे, प्राकृतिक खेती ने जिंदगी बदल दी”

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नीलम बताती हैं कि पहले रासायनिक खेती से उत्पादन घटता जा रहा था, एक बार तो खेती ही छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन प्राकृतिक खेती ने सब कुछ बदल दिया। अब पति-पत्नी मिलकर खेती करते हैं, अच्छी कमाई भी हो रही है और जमीन भी स्वस्थ हो रही है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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