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Jind News: जुलाना की फल-सब्जी मंडी फ्लॉप, आढ़तियों की मांग- अनाज मंडी का लाइसेंस दो

On: सितम्बर 15, 2025 7:05 अपराह्न
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Jind News: जुलाना की फल-सब्जी मंडी फ्लॉप, आढ़तियों की मांग- अनाज मंडी का लाइसेंस दो
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Jind News: जुलाना की फल और सब्जी मंडी करोड़ों रुपये की लागत से बनी, लेकिन क्षेत्र में फल और सब्जियों की खेती न होने के कारण यह पूरी तरह फ्लॉप हो गई। आढ़तियों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है। अब उन्होंने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से मांग की है कि जब तक यह मंडी कामयाब नहीं होती, तब तक इन दुकानों पर अनाज मंडी का लाइसेंस दिया जाए।

इससे आढ़ती अपने परिवार का गुजारा चला सकेंगे। जुलाना की नई अनाज मंडी में बनी इस फल-सब्जी मंडी में 2021 में खुली बोली के जरिए आढ़तियों ने दुकानें ली थीं। इन्होंने मार्केट कमेटी से लाइसेंस लेकर फल-सब्जी का कारोबार शुरू किया, लेकिन तीन साल बाद भी कोई सफलता नहीं मिली। जींद, रोहतक, गोहाना और महम की मंडियां नजदीक होने और जुलाना में फल-सब्जी की खेती न होने से व्यापार नहीं चल सका।

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क्षेत्र में धान-गेहूं की खेती का दबदबा

आढ़तियों संदीप कुमार, तेजा, राजपाल, साहिल, राकेश कुमार और सुरेंद्र ने बताया कि जुलाना और आसपास के क्षेत्रों में ज्यादातर धान और गेहूं की खेती होती है। आंकड़ों के मुताबिक, 2021-22 में सब्जी क्षेत्र 250 एकड़ और बागवानी 23 एकड़ थी, जो 2025-26 में घटकर 90 एकड़ और 7 एकड़ रह गई।

इस कारण फल-सब्जी मंडी चल नहीं सकी। मंडी में हर साल करीब 50 लाख बोरी धान और 20 लाख बैग गेहूं आते हैं। आढ़तियों का कहना है कि अगर इन दुकानों पर अनाज मंडी का लाइसेंस मिले, तो वे अपना रोजगार चला सकेंगे और सरकार को भी फायदा होगा।

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54 दुकानों में सिर्फ 7 बिकीं

जुलाना की फल और सब्जी मंडी 2012 में नई अनाज मंडी के साथ शुरू हुई थी। इसमें कुल 54 दुकानें और बूथ हैं, लेकिन कई बार खुली बोली के बावजूद सिर्फ 7 दुकानें बिकीं। आढ़तियों का कहना है कि अगर इन दुकानों को अनाज मंडी का लाइसेंस मिले, तो बाकी बचे प्लॉट भी मार्केट रेट से 20 लाख रुपये ज्यादा में बिक सकते हैं।

मंडी एसोसिएशन के प्रधान पवन ने बताया कि अनाज मंडी का लाइसेंस मिलने से खाली पड़े प्लॉट बिकेंगे, जिससे सरकार की आय बढ़ेगी और आढ़तियों को रोजगार मिलेगा। सभी सात दुकानदार इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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