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करनाल के किसानों को 6200 की जगह 5500-5600 रुपये, प्रति क्विंटल 800 तक नुकसान

On: February 28, 2026 3:21 PM
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करनाल के किसानों को 6200 की जगह 5500-5600 रुपये, प्रति क्विंटल 800 तक नुकसान
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करनाल . हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है और करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी में इस बार रफ्तार तेज दिख रही है। 26 फरवरी तक यहां 2870 क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक सिर्फ 370 क्विंटल आवक दर्ज हुई थी। आंकड़े बताते हैं कि इस बार करीब सात गुना ज्यादा फसल मंडी में आई है, जो किसानों की सक्रियता और जल्दी कटाई को दर्शाता है।

बढ़ी आवक के बीच किसानों को दाम को लेकर राहत नहीं मिल रही। न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद मंडी में 5500 से 5600 रुपये प्रति क्विंटल पर ही सौदे हो रहे हैं।

MSP से 700-800 रुपये कम भाव

किसानों का कहना है कि उन्हें प्रति क्विंटल 700 से 800 रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। बढ़ती लागत, डीजल और खाद के खर्च के बीच कम भाव से उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है।

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मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरसों में नमी की मात्रा सरकार द्वारा तय मानकों के भीतर है। इसके बावजूद उन्हें तय समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा, जिससे दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

फिलहाल प्राइवेट एजेंसियां कर रहीं खरीद

घरौंडा मार्केट कमेटी के अधिकारी सुनील ने बताया कि अभी सरसों की खरीद निजी एजेंसियां कर रही हैं। सरकारी खरीद 15 मार्च के आसपास शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि कटाई में जल्दबाजी न करें और फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं। इससे बिक्री में दिक्कत कम होगी और बेहतर भाव मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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सरकारी खरीद से मिल सकती है राहत

सरकारी खरीद शुरू होते ही किसानों को 6200 रुपये प्रति क्विंटल MSP का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे मौजूदा नुकसान की भरपाई आंशिक रूप से हो सकेगी।

फिलहाल मंडी में बढ़ती आवक और कम भाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में सरकारी खरीद की रफ्तार ही तय करेगी कि उन्हें वाजिब दाम मिल पाता है या नहीं।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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