Kisan Msp News Government guarantees 100% tur purchase at MSP: किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी! भारत सरकार ने दालों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2024-25 में तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100% खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करने का ऐलान किया है। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि देश की दालों के आयात पर निर्भरता को भी कम करेगा। आइए, इस पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह किसानों के लिए कैसे गेम-चेंजर साबित हो रही है।
दालों में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम Kisan Msp News
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने खरीफ 2024-25 सीजन के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद को मंजूरी दी है। यह खरीद राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) जैसी केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से की जा रही है। सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक अगले चार वर्षों तक इस नीति को जारी रखना है, ताकि दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले और आयात पर निर्भरता खत्म हो।
13 लाख टन से ज्यादा तुअर की खरीद को मंजूरी
इस साल खरीफ सीजन में सरकार ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कुल 13.22 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद को हरी झंडी दिखाई है। खास बात यह है कि आंध्र प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए खरीद अवधि को 90 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन और आगे कर 22 मई 2025 तक कर दिया गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय मिले और उन्हें किसी भी तरह की जल्दबाजी का सामना न करना पड़े।
लाखों किसानों को मिला लाभ
NAFED और NCCF के माध्यम से MSP पर तुअर की खरीद जोर-शोर से चल रही है। 22 अप्रैल 2025 तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 3.92 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद पूरी हो चुकी है। इस पहल से इन राज्यों के 2,56,517 किसानों को सीधा लाभ पहुंचा है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार की यह योजना न केवल कागजों पर है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान खरीद
सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। तुअर की खरीद NAFED के ई-समृद्धि पोर्टल और NCCF के ई-संयुक्ति पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। इन पोर्टल्स पर पहले से पंजीकृत किसान आसानी से अपनी उपज को MSP पर बेच सकते हैं। यह डिजिटल पहल न केवल समय बचाती है, बल्कि किसानों को बिचौलियों से भी बचाती है, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होता है।
किसानों के लिए उज्ज्वल भविष्य
यह सरकारी पहल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है। तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद की गारंटी से किसानों को यह भरोसा मिला है कि उनकी मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें मिलेगा। साथ ही, यह योजना देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को किसानों के हित में एक क्रांतिकारी कदम बताया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।













