चंडीगढ़ . हरियाणा में रबी सीजन की प्रमुख फसलों, खासकर गेहूं और सरसों की कटाई के साथ ही किसानों का अपनी उपज बेचने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। चंडीगढ़ स्थित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की सरकारी खरीद का बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 416 मंडियों और बिक्री केंद्रों को पूरी तरह से तैयार कर लिया है। विभाग ने यह भी तय कर दिया है कि किस मंडी में कौन सी सरकारी एजेंसी किसानों की फसल खरीदेगी, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
जियो-फेंसिंग से होगी ई-खरीद
इस बार खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और किसानों को जाम से बचाने के लिए ई-खरीद प्रणाली में एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया गया है। पंचकूला स्थित मुख्यालय और चंडीगढ़ से जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब पूरी व्यवस्था को जियो-फेंसिंग तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल के माध्यम से गेटपास तभी जारी होगा, जब वे अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी के बिल्कुल नजदीक पहुंच जाएंगे। इसके अलावा गेटपास जारी करने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान हर हाल में मंडी के अंदर ही मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
6 दिन होगी खरीद, इन एजेंसियों को मिली जिम्मेदारी
किसानों की फसल सुगमता से खरीदने के लिए राज्य सरकार ने खाद्य आपूर्ति विभाग, हेफैड (Hafed), भारतीय खाद्य निगम (FCI) और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (HSWC) को अधिकृत किया है। रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान यह सभी एजेंसियां तय मंडियों में अकेले या फिर संयुक्त रूप से खरीद का जिम्मा संभालेंगी। फिलहाल मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद सप्ताह में 6 दिन यानी सोमवार से शनिवार तक चलेगी। हालांकि, अगर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड किसानों की आवक को देखते हुए रविवार को भी मंडियां खोलने का फैसला करता है, तो शनिवार वाली एजेंसी ही रविवार को भी खरीद का काम करेगी।
एमएसपी में 160 रुपये का इजाफा, किसानों को बड़ा तोहफा
इस बार रबी सीजन में अपनी फसल बेचने आ रहे किसानों को एमएसपी बढ़ोतरी का एक बड़ा तोहफा मिला है, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होगा। सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोतरी की है। पिछले साल जहां किसानों का गेहूं 2,425 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा गया था, वहीं इस बार उन्हें 2,585 रुपये प्रति क्विंटल का नया भाव मिलेगा। इस सीधे आर्थिक लाभ से किसानों के चेहरे खिल गए हैं और अप्रैल के पहले सप्ताह से मंडियों में गेहूं की भारी आवक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
BPL कार्ड और पेंशन बचाने के लिए अपनी ही फसल औने-पौने दाम पर बेच रहे हरियाणा के किसान
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