Mushroom Production Training: Training on mushroom cultivation in Delhi, know how to increase income!: मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण (Mushroom Production Training) ने दिल्ली में किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (NHRDF) ने दिल्ली में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
इसमें देशभर के किसानों ने मशरूम की उन्नत खेती (Advanced Farming Techniques), इसके औषधीय महत्व और स्वरोजगार (Self-Employment) के अवसरों के बारे में सीखा। यह प्रशिक्षण किसानों की आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आइए, इस कार्यक्रम की खास बातें जानते हैं।
मशरूम खेती की नई तकनीकों का प्रशिक्षण Mushroom Production Training
राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (NHRDF) ने दिल्ली में 23 से 27 जून 2025 तक मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण (Mushroom Production Training) आयोजित किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली से 30 किसानों ने हिस्सा लिया।
डॉ. पी.के. गुप्ता ने उद्घाटन में मशरूम के औषधीय गुण (Medicinal Properties) और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. शरद तिवारी ने मशरूम की खेती को पारंपरिक कृषि (Traditional Agriculture) का आधुनिक विकल्प बताया। किसानों को बटन, ढींगरी, मिल्की, शीटाके और ऋषी मशरूम की खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई।
व्यावहारिक अनुभव और क्षेत्र भ्रमण
इस प्रशिक्षण की खासियत थी सफल मशरूम उत्पादकों के खेतों का भ्रमण। किसानों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि आधुनिक तकनीकों से मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) कैसे किया जाता है। इससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान मिला।
मशरूम की बढ़ती मांग (Increasing Demand) और इसके व्यवसायिक लाभों ने किसानों को उत्साहित किया। कार्यक्रम में कृषि अवशेषों (Agricultural Waste Management) जैसे धान के पुआल और गेहूं के भूसे के उपयोग पर भी चर्चा हुई। यह जानकारी बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार (Self-Employment) के नए अवसर खोलती है।
आय और पोषण सुरक्षा की गारंटी
मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण (Mushroom Production Training) ने किसानों को न केवल आर्थिक लाभ, बल्कि पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) के महत्व को समझाया। मशरूम की खेती से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है।
यह स्वास्थ्यवर्धक और बाजार में मांग वाला उत्पाद है। समापन समारोह में NHRDF के सीईओ राजबीर सिंह ने किसानों को प्रमाणपत्र दिए। उन्होंने मशरूम खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बताया। यह प्रशिक्षण किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।













