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Onion Varieties: अक्टूबर में लगाएं ये 3 सुपर प्याज किस्में, 1 हेक्टेयर से 31 टन उपज!

On: October 5, 2025 9:44 AM
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Onion Varieties: अक्टूबर में लगाएं ये 3 सुपर प्याज किस्में, 1 हेक्टेयर से 31 टन उपज!
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Onion Varieties top tips crop News: अक्टूबर से नवंबर का महीना रबी प्याज की फसल के लिए बेस्ट टाइम माना जाता है। इस सीजन में खेती करके किसान भाई अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं। अगर आप ‘पूसा सोना’, ‘पूसा शोभा’ और ‘पूसा रिद्धि’ जैसी टॉप किस्मों की बुवाई करेंगे, तो कमाल हो जाएगा।

प्याज की डिमांड तो साल भर दुनियाभर में रहती ही है। इसमें दवाई जैसे गुण और एंटी-डायबिटीज वाले विटामिन्स भरे होते हैं, जो हेल्थ के लिए सुपर बेनिफिशियल हैं।

अचार, सूप, सब्जी – हर चीज में प्याज का इस्तेमाल होता है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में इसकी खेती जोरों पर है। अगर किसान भाई ‘पूसा सोना’, ‘पूसा शोभा’ और ‘पूसा रिद्धि’ जैसी एडवांस्ड किस्में चुनें, तो प्रति हेक्टेयर 31 टन तक प्रोडक्शन पा सकते हैं और कमाई दुगनी कर सकते हैं। चलिए, इन तीन धांसू किस्मों के बारे में डिटेल में जानते हैं।

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पूसा रिद्धि Onion Varieties

पूसा रिद्धि प्याज की एक फ्रेश और एडवांस्ड वैरायटी है। ये किसानों के लिए गेम-चेंजर है क्योंकि इसमें प्रोडक्शन हाई और क्वालिटी टॉप-नॉच होती है। ये ठंडे मौसम वाली खेती के लिए परफेक्ट है। बुवाई का आइडियल टाइम अक्टूबर से नवंबर तक है। ये किस्म 120 से 150 दिनों में तैयार हो जाती है और किसान 31 टन प्रति हेक्टेयर तक का यील्ड ले सकते हैं।

पूसा सोना (Sel.-126)

पूसा सोना प्याज की एक हाई-प्रोडक्शन वाली एडवांस्ड किस्म है, जिसे इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) ने डेवलप किया है। इसकी यील्ड जबरदस्त होती है। अप्रूvd एरियाज में दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। ये किस्म किसानों को फुल बेनिफिट देती है। बुवाई से 25 टन प्रति हेक्टेयर तक प्रोडक्शन मिल सकता है, जिससे इनकम आसानी से बढ़ जाएगी।

पूसा शोभा (Sel.-126)

पूसा शोभा भी प्याज की एक हाई-यील्डिंग एडवांस्ड वैरायटी है। ये दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, एमपी, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे स्टेट्स में खेती के लिए बेस्ट फिट है।

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एवरेज यील्ड करीब 25 टन प्रति हेक्टेयर है। इसके बल्ब्स सॉलिड, फ्लैट-राउंड शेप के होते हैं, जो स्टोरेज, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के लिए आइडियल हैं। एक बल्ब का वेट 70 से 100 ग्राम तक होता है। अगर किसान इसकी खेती करें, तो मुनाफा पक्का है।

पूसा सोना, पूसा शोभा और पूसा रिद्धि प्याज की खेती के फायदे

IARI द्वारा डेवलप्ड पूसा सोना, पूसा शोभा और पूसा रिद्धि जैसी प्याज किस्में किसानों के लिए स्पेशल गिफ्ट हैं। इनसे न सिर्फ हाई प्रोडक्शन मिलता है, बल्कि बेस्ट क्वालिटी और डिसीज रेसिस्टेंस की वजह से आर्थिक तौर पर भी मजबूती आती है।

किसानों को कितना होगा लाभ

बेहतर स्टोरेज कैपेसिटी: पूसा वैरायटीज की प्याज 3-4 महीने तक फ्रेश रहती है। इससे किसान अच्छे रेट पर बेच पाते हैं और मार्केट की प्राइस फ्लक्चुएशन का फायदा उठा लेते हैं।

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डिसीज रेसिस्टेंट: ये किस्में पर्पल  स्टेम रॉट जैसी कॉमन प्रॉब्लम्स से काफी हद तक सेफ रहती हैं। लागत कम, प्रोडक्शन हाई!
अट्रैक्टिव लुक और टेस्ट: पूसा सोना, पूसा शोभा और पूसा रिद्धि का साइज, कलर और स्वीट फ्लेवर मार्केट में हिट है, बिक्री कोई प्रॉब्लम नहीं।

लो कॉस्ट, हाई प्रॉफिट: इनकी खेती में इरिगेशन और फर्टिलाइजर की कम जरूरत पड़ती है, फिर भी यील्ड कमाल। डायरेक्ट बेनिफिट – किसानों की कमाई में इजाफा!

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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