ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

पद्म श्री 2026: 5 क्विंटल की जगह 28 क्विंटल पैदावार, जानिए ‘दादा लाड’ का खेती मंत्र

On: January 27, 2026 9:27 AM
Follow Us:
पद्म श्री 2026: 5 क्विंटल की जगह 28 क्विंटल पैदावार, जानिए 'दादा लाड' का खेती मंत्र
Join WhatsApp Group

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: महाराष्ट्र के 79 वर्षीय किसान श्रीरंग देवबा लाड को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा। उनकी उन्नत तकनीकों ने कपास और ज्वार की पैदावार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर किसानों की आय बढ़ाई है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी है। इस साल की सूची में उन ‘अनसंग हीरोज’ यानी गुमनाम नायकों को खास जगह मिली है जिन्होंने खामोशी से समाज की तस्वीर बदली है। इनमें सबसे चर्चा का विषय महाराष्ट्र के 79 वर्षीय किसान श्रीरंग देवबा लाड हैं।

उन्हें कृषि क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। लाड ने अपनी नई तकनीकों से न केवल कपास बल्कि ज्वार और गेहूं की खेती में भी पैदावार को कई गुना बढ़ाकर एक मिसाल कायम की है।

कौन हैं परभणी के ‘दादा लाड’

मध्य महाराष्ट्र के परभणी जिले के मलसोना गांव के रहने वाले श्रीरंग देवबा लाड को लोग प्यार से ‘दादा लाड’ बुलाते हैं। 79 साल की उम्र में भी उनका जोश किसी युवा से कम नहीं है। वह एक साधारण किसान परिवार से आते हैं लेकिन उनकी सोच वैज्ञानिक है। उन्हें कृषि जगत में एक ‘इनोवेटर’ के तौर पर देखा जाता है जिन्होंने प्रयोगशाला के ज्ञान को सीधे खेत की मिट्टी तक पहुंचाया।

सैटेलाइट रिपोर्ट ने खोली पोल: फरीदाबाद और सिरसा के किसानों पर कानूनी डंडा, जुर्माना भी लगा
सैटेलाइट रिपोर्ट ने खोली पोल: फरीदाबाद और सिरसा के किसानों पर कानूनी डंडा, जुर्माना भी लगा

पैदावार में 5 गुना तक की बढ़ोतरी का रिकॉर्ड

दादा लाड को यह सम्मान मिलने की सबसे बड़ी वजह उनकी विकसित की गई ‘लाड खेती तकनीक’ है।

हैरान करने वाले नतीजे: कर्नाटक के इंडी गांव में जहां किसान पहले एक एकड़ में मुश्किल से 5 से 6 क्विंटल ज्वार उगा पाते थे वहां दादा लाड की तकनीक अपनाने के बाद यह आंकड़ा 28 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया।

आर्थिक बदलाव: जानकारों का मानना है कि पैदावार में यह उछाल किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे हजारों किसान परिवारों की आय में सीधा इजाफा हुआ है। मुख्य रूप से उन्होंने कपास अनुसंधान में जो काम किया है उसने विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों के किसानों को नई राह दिखाई है।

सम्मान पर क्या बोले कृषि ऋषि

पद्म श्री की घोषणा के बाद दादा लाड ने बेहद विनम्रता के साथ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत जीत के बजाय किसानों और विज्ञान की जीत बताया। उनका मानना है कि यह पुरस्कार उनके द्वारा विकसित तकनीकों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

खेती की नई तकनीक: मल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन से बढ़ाएं सब्जियों की पैदावार, देखें पूरी रिपोर्ट
खेती की नई तकनीक: मल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन से बढ़ाएं सब्जियों की पैदावार, देखें पूरी रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि असली खुशी तब मिलेगी जब देश का हर किसान इन उन्नत तरीकों को अपनाकर समृद्ध होगा। उनका सपना है कि भारत में कभी भी अनाज की कमी न हो और किसान आत्मनिर्भर बनें।

संघ से लेकर मानद उपाधि तक का सफर

1 जनवरी 1947 को जन्मे श्रीरंग लाड ने अपनी शिक्षा परभणी से ही पूरी की। बचपन से ही उनका मन खेती में रमता था।

संगठन में भूमिका: वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय किसान संघ में सक्रिय हैं और फिलहाल गोवा महाराष्ट्र व गुजरात के क्षेत्रीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

डॉक्टरेट की उपाधि: उनकी सेवाओं को देखते हुए हाल ही में वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय ने उन्हें ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से भी नवाजा था।

हरियाणा राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: ऑफलाइन पैमाइश बंद, ई-जीआरएस पोर्टल पर ऐसे करें अप्लाई
हरियाणा राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: ऑफलाइन पैमाइश बंद, ई-जीआरएस पोर्टल पर ऐसे करें अप्लाई

विशेषज्ञों के मुताबिक दादा लाड जैसे जमीनी वैज्ञानिकों को पद्म पुरस्कार मिलना यह साबित करता है कि असली भारत गांवों में बसता है और वहां हो रहे नवाचार ही देश की असली ताकत हैं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment