ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Pea Varieties: रबी सीजन में मोटी कमाई चाहते हैं उगाएं मटर की ICAR विकसित टॉप किस्में

On: November 28, 2025 6:04 AM
Follow Us:
Pea Varieties: रबी सीजन में मोटी कमाई चाहते हैं उगाएं मटर की ICAR विकसित टॉप किस्में
Join WhatsApp Group

Pea Varieties: फोकस कीवर्ड मटर की उन्नत किस्में के साथ रबी सीजन में किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। ICAR की वी एल माधुरी, वी एल सब्जी मटर 15 और पूसा थ्री खेती के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।

रबी सीजन में कमाएं शानदार मुनाफा उगाएं मटर की ये टॉप 3 उन्नत किस्में Pea Varieties

मटर की खेती क्यों है फायदेमंद 
आज किसान ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं जो कम समय में तैयार हों और बाजार में बेहतर दाम दिलाएं। मटर उन्हीं में से एक है। फरवरी और मार्च में हरी मटर की मांग बढ़ने के साथ इसके दाम भी तेजी से बढ़ते हैं। कम लागत में अधिक लाभ देने वाली यह फसल किसानों के लिए खास विकल्प बन चुकी है।

ICAR की विकसित किस्में दे रहीं भरोसेमंद उपज

अगर आप इस रबी सीजन में मटर की खेती करने का सोच रहे हैं, तो ICAR द्वारा विकसित तीन उन्नत किस्में वी एल माधुरी, वी एल सब्जी मटर 15 और पूसा थ्री आपकी खेती को और अधिक लाभदायक बना सकती हैं।

खेती में होगा बड़ा बदलाव: हरियाणा के किसान सीखेंगे नई तकनीक, रहना और खाना देगी सरकार
खेती में होगा बड़ा बदलाव: हरियाणा के किसान सीखेंगे नई तकनीक, रहना और खाना देगी सरकार

मटर की टॉप 3 उत्तम किस्में

वी एल माधुरी
वी एल माधुरी मटर की नई और खास किस्म है जिसे बिना छिलके भी खाया जा सकता है। यह रबी सीजन के लिए बेहद उपयुक्त है और बाजार में अच्छी कीमत दिलाती है।

विशेषताएं

यह किस्म पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में शानदार उपज देती है।
नवंबर में बोने पर यह किस्म 122 से 126 दिनों में तैयार हो जाती है।
किसान इससे प्रति हेक्टेयर 13 टन तक की उपज प्राप्त कर सकते हैं।
इसमें उकठा रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता भी मौजूद है।

हरियाणा में मछली पालन पर 60% सब्सिडी, किसानों को प्रति एकड़ 5 लाख का मुनाफा
हरियाणा में मछली पालन पर 60% सब्सिडी, किसानों को प्रति एकड़ 5 लाख का मुनाफा

वी एल सब्जी मटर 15

वी एल सब्जी मटर 15 ठंडी जलवायु में अच्छे परिणाम देने वाली किस्म है। यह उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में विशेष रूप से लोकप्रिय है। कम समय में पकने वाली यह किस्म किसानों के लिए लाभदायक है।

विशेषताएं

रबी सीजन में बोने के लिए उपयुक्त।
128 से 132 दिनों में फसल तैयार हो जाती है।
प्रति हेक्टेयर 100 से 120 क्विंटल की उपज देती है।
चूर्णिल आसिता, म्लानि, सफेद सड़ांध और पर्ण झुलसा रोगों के प्रति प्रतिरोधी।
पौधे की ऊंचाई 60 से 70 सेंटीमीटर और फलियां हरी तथा घुमावदार।

गेहूं उत्पादन में 10% की गिरावट का अनुमान: क्या महंगी होगी आपकी रोटी? जानें पूरी रिपोर्ट
गेहूं उत्पादन में 10% की गिरावट का अनुमान: क्या महंगी होगी आपकी रोटी? जानें पूरी रिपोर्ट

पूसा थ्री

पूसा थ्री मटर की अगेती किस्म है जो जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में अच्छी मांग रखती है। इसकी हर फली में 6 से 7 दाने होने के कारण इसकी गुणवत्ता अधिक मानी जाती है।

विशेषताएं
अगेती किस्म होने के कारण प्रति एकड़ 20 से 21 क्विंटल तक उपज मिल सकती है।
सिर्फ 50 से 55 दिनों में फल देना शुरू कर देती है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इसकी खेती बेहद उपयुक्त रहती है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment