Sandalwood Cultivation: Earn 5 lakhs from one tree, know how to start: सफेद चंदन की खेती से मुनाफा अब किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनता जा रहा है। पारंपरिक फसलों की तुलना में यह खेती कम लागत में अधिक आमदनी देती है। (white sandalwood cultivation) के लिए खरीफ का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है।
बाराबंकी के डीएफओ आकाश दीप बताते हैं कि उत्तर भारत में सफेद चंदन की खेती अधिक होती है। इसकी लकड़ी का उपयोग औषधियों, परफ्यूम, अगरबत्ती, फर्नीचर और धार्मिक सामग्री में होता है। यही वजह है कि इसकी मांग देश और विदेश दोनों जगह बनी रहती है।
एक पेड़ से लाखों की कमाई, जानिए कैसे Sandalwood Cultivation
(white sandalwood cultivation) के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। किसान एक एकड़ में लगभग 450 पौधे लगा सकते हैं। प्रति एकड़ खर्च लगभग ₹4 लाख आता है, जबकि 10 साल बाद एक करोड़ तक की आमदनी संभव है।
चंदन की लकड़ी वर्तमान में ₹30,000 प्रति किलो के भाव से बिक रही है। एक पेड़ से किसान ₹4–5 लाख तक कमा सकते हैं। (sandalwood wood price) इतनी ऊंची होने के कारण यह खेती अब निवेश के रूप में देखी जा रही है।
पौधारोपण से लेकर देखभाल तक की प्रक्रिया
चंदन के पौधों की रोपाई बीज और पौध दोनों रूपों में की जाती है। हालांकि, पौध से रोपाई करना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि बीज से अंकुरण में अधिक समय लगता है। (sandalwood farming tips) के अनुसार, बारिश का मौसम रोपाई के लिए सबसे अच्छा होता है।
चंदन के पेड़ों को तैयार होने में 12–15 साल लगते हैं। इस दौरान किसान दलहन या बागवानी फसलें लगाकर अतिरिक्त आमदनी भी कर सकते हैं। यह खेती ऊसर, बंजर और पथरीली जमीन पर भी सफलतापूर्वक की जा सकती है।













