ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Sandalwood Cultivation: एक पेड़ से 5 लाख की कमाई, जानिए कैसे करें शुरुआत

On: August 16, 2025 9:03 AM
Follow Us:
Sandalwood Cultivation: एक पेड़ से 5 लाख की कमाई, जानिए कैसे करें शुरुआत
Join WhatsApp Group

Sandalwood Cultivation: Earn 5 lakhs from one tree, know how to start: सफेद चंदन की खेती से मुनाफा अब किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनता जा रहा है। पारंपरिक फसलों की तुलना में यह खेती कम लागत में अधिक आमदनी देती है। (white sandalwood cultivation) के लिए खरीफ का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है।

बाराबंकी के डीएफओ आकाश दीप बताते हैं कि उत्तर भारत में सफेद चंदन की खेती अधिक होती है। इसकी लकड़ी का उपयोग औषधियों, परफ्यूम, अगरबत्ती, फर्नीचर और धार्मिक सामग्री में होता है। यही वजह है कि इसकी मांग देश और विदेश दोनों जगह बनी रहती है।

एक पेड़ से लाखों की कमाई, जानिए कैसे Sandalwood Cultivation

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक

(white sandalwood cultivation) के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। किसान एक एकड़ में लगभग 450 पौधे लगा सकते हैं। प्रति एकड़ खर्च लगभग ₹4 लाख आता है, जबकि 10 साल बाद एक करोड़ तक की आमदनी संभव है।

चंदन की लकड़ी वर्तमान में ₹30,000 प्रति किलो के भाव से बिक रही है। एक पेड़ से किसान ₹4–5 लाख तक कमा सकते हैं। (sandalwood wood price) इतनी ऊंची होने के कारण यह खेती अब निवेश के रूप में देखी जा रही है।

पौधारोपण से लेकर देखभाल तक की प्रक्रिया

यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा
यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा

चंदन के पौधों की रोपाई बीज और पौध दोनों रूपों में की जाती है। हालांकि, पौध से रोपाई करना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि बीज से अंकुरण में अधिक समय लगता है। (sandalwood farming tips) के अनुसार, बारिश का मौसम रोपाई के लिए सबसे अच्छा होता है।

चंदन के पेड़ों को तैयार होने में 12–15 साल लगते हैं। इस दौरान किसान दलहन या बागवानी फसलें लगाकर अतिरिक्त आमदनी भी कर सकते हैं। यह खेती ऊसर, बंजर और पथरीली जमीन पर भी सफलतापूर्वक की जा सकती है।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment